मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा के नेतृत्व में त्रिपुरा के अगरवुड किसानों को मिलेगा पूरा मूल्य: सिंधिया

By प्रेस विज्ञप्ति | Jan 24, 2026

अगरतला, त्रिपुरा/गुवाहाटी/नई दिल्ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज शनिवार को अपने तीन दिवसीय त्रिपुरा-असम प्रवास के दूसरे दिन त्रिपुरा के उत्तर फुलबारी पहुंचे, जहाँ उन्होंने ₹80 करोड़ की अगरवुड़ वैल्यू चेन विकास योजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के विजन के तहत वे इस दौरे पर इस क्षेत्र के लिए कई सौगातें लेकर आए हैं, जिनमें से कुछ कल शुक्रवार को प्रवास के पहले दिन जनता के नाम की गई, आज अगरवुड़ वैल्यू चैन का शिलान्यास किया गया और कल मातबारी टूरिज्म सर्किट के रूप में सबसे बड़ी सौगात दी जाएगी। 


केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि देश की अगरवुड़ उत्पादन क्षमता मुख्यतः त्रिपुरा और असम में केंद्रित है, और इस योजना के माध्यम से इन दोनों राज्यों की शक्ति को नई ऊर्जा देने का कार्य किया जा रहा है। 


₹80 करोड़ की योजना से बनेगी पूरी अगरवुड़ वैल्यू चेन:सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत खेत में पेड़ से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में परफ्यूम की बोतल तक अगरवुड़ की संपूर्ण वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।


उन्होंने जानकारी दी कि इसके अंतर्गत दो सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) स्थापित किए जाएंगे जिनमें से एक गोलाघाट (असम) में और दूसरा त्रिपुरा के इसी क्षेत्र में बनेगा। इन केंद्रों के माध्यम से प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की समग्र व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे बिचौलियों को हटाकर किसानों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य प्राप्त हो सके।


GI टैग, निर्यात कोटा और डिजिटल परमिशन से मिलेगा वैश्विक बाजार

सिंधिया ने कहा कि अगरवुड़ सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, निर्यात कोटा छह गुना बढ़ाया गया है, चिप्स 25,000 किग्रा से बढ़ाकर 1.5 लाख किग्रा किया गया है, ऑयल 1,500 किग्रा से बढ़ाकर 7,500 किग्रा किया गया है एवं साइट्स और अनुमतियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है, ताकि किसान सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट है, बिचौलिये हटें और पूरा लाभ सीधे किसान तक पहुँचे।


‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘ODOP’ का जीवंत उदाहरण है फुलबारी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच ‘लोकल टू ग्लोबल’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ का सबसे सशक्त उदाहरण फुलबारी का अगरवुड़ सेक्टर है।


उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में लगभग 15 करोड़ अगरवुड़ के पेड़ हैं, जिनमें से करीब 90% उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थित हैं। इस योजना के माध्यम से त्रिपुरा की उत्पादन क्षमता में 50% तक वृद्धि होने की संभावना है।


त्रिपुरा के अगरवुड मार्केट की ₹2,000 करोड़ वार्षिक टर्नओवर की क्षमता, वैश्विक बाजार से सीधा जुड़ाव

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले 3–4 वर्षों में केवल त्रिपुरा के अगरवुड़ बाजार के लिए ₹2,000 करोड़ वार्षिक टर्नओवर की क्षमता विकसित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए बायर-सेलर मीट्स आयोजित की जा रही हैं। हाल ही में कतर के बायर्स के साथ ऐसी बैठक हुई, जिसमें किसानों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ा गया।


प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में त्रिपुरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का परिणाम है कि हर राज्य की विशिष्ट क्षमता पर केंद्रित होकर कार्य किया जाए। पिछले एक वर्ष से इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे और आज उसका परिणाम सामने आया है। उन्होंने विश्वास जताया कि त्रिपुरा सरकार के साथ मिलकर अगरवुड़ सेक्टर को वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी और यह राज्य आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नई मिसाल बनेगा।


त्रिपुरा के लिए विकास योजनाओं की शृंखला  जारी

सिंधिया ने कहा कि वह आज अगरवुड़ परियोजना के लिए त्रिपुरा आए हैं, लेकिन इसके साथ ही राज्य के लिए कई अन्य विकास योजनाएँ भी प्रगति पर हैं। कल ही उन्होंने 220 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया, अगरतला गवर्नमेंट इंटर कॉलेज (₹192 करोड़) और मातृ एवं शिशु अस्पताल (₹200 करोड़) का निरीक्षण किया। इसके साथ ही आगामी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कल रविवार को ₹280 करोड़ के माताबाड़ी पर्यटन सर्किट का शिलान्यास करेंगे।

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