लोगों के अधिकारों को मान्यता देने से ही सच्चा सशक्तिकरण संभव है: राष्ट्रपति मुर्मू

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 10, 2025

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि सच्चा सशक्तिकरण लोगों के अधिकारों को स्वीकार करने से ही संभव है और आदिवासी समुदायों को सक्रिय रूप से जिम्मेदारी उठाते हुए अपना विकास करना चाहिए।

मुर्मू ने कहा, “हम सभी को मिलकर अपने आदिवासी भाइयों और बहनों की सक्रिय भागीदारी के साथ, एक ऐसे समाज और देश के निर्माण के लिए काम करना चाहिए जहां समानता, न्याय व सम्मान का वातावरण हो, आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं संरक्षित हों, और उनके अधिकारों की रक्षा हो।”

उन्होंने आदिवासी लोगों को उनकी विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करते हुए मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रपति ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम सामाजिक न्याय, समानता और पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण केवल योजनाओं से नहीं आता है।

मुर्मू ने कहा, वास्तविक सशक्तिकरण लोगों के अधिकारों को स्वीकार करने से आता है। यह उन अधिकारों का सम्मान करने से मजबूत होता है और आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधित्व से कायम रहता है। आदिवासी समुदायों को चाहिए कि वे सक्रिय रूप से जिम्मेदारी उठाते हुए अपना विकास सुनिश्चित करें।

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