By अभिनय आकाश | Sep 14, 2026
राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सोमवार को कहा कि नई दिल्ली में हाल ही में हुए ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन से चीन को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है। उन्होंने इस समूह को अलग-अलग तरह के देशों का एक मिला-जुला समूह बताया, जिससे ठोस फ़ैसले निकलना मुश्किल था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर भारत को सदस्य देशों के बीच मतभेदों को संभालते हुए एक संयुक्त घोषणा-पत्र तैयार करना पड़ा। उन्होंने कहा हमारे लिए यह होर्मुज़ (जलडमरूमध्य) से गुज़रने जैसा था। चीन और रूस इसे पश्चिमी देशों के विरोध वाले एक वैकल्पिक गुट के तौर पर बनाना चाहते हैं और RIC (रूस, भारत, चीन) अब असल में रूस, ईरान और चीन बन गया है... हम नहीं चाहेंगे कि यह (पश्चिमी देशों के विरोध वाला गुट) बने।
हालांकि, सिब्बल ने सवाल उठाया कि क्या घोषणापत्र में किए गए वादे असल में लागू होंगे या नहीं; उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर पर इनका कार्यान्वयन होगा या नहीं, यह तो समय ही बताएगा। रविवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें सदस्य देशों ने एक घोषणापत्र अपनाया। इस घोषणापत्र में वैश्विक शासन और व्यापार प्रणाली में सुधार की मांग की गई। समूह ने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, स्टार्टअप्स तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम से जुड़े नतीजों की भी घोषणा की।