Russia-Ukraine War | रूस पर दबाव के लिए भारत पर ट्रंप का प्रतिबंध, व्हाइट हाउस का बड़ा दावा!

By रेनू तिवारी | Aug 20, 2025

अमेरिकी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाने का फैसला अप्रत्यक्ष रूप से रूस पर यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने का दबाव बनाने के लिए था। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि ट्रम्प ने भारत की टैरिफ दर को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया है - मौजूदा 25 प्रतिशत के ऊपर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया है। उन्होंने इस कदम को रूस के साथ व्यापार जारी रखने वाले देशों को निशाना बनाकर मास्को पर दबाव बनाने की प्रशासन की रणनीति का हिस्सा बताया।

ट्रंप यूक्रेन में शांति के लिए प्रयासरत

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए दृढ़ हैं। लेविट ने कहा "राष्ट्रपति आगे बढ़ना चाहते हैं और वह इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहते हैं... नाटो महासचिव सहित सभी यूरोपीय नेताओं के व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद, वे सभी इस बात पर सहमत हैं कि यह एक शानदार पहला कदम है। और यह अच्छी बात है कि ये दोनों नेता एक साथ बैठेंगे, और राष्ट्रपति को उम्मीद है कि ऐसा होगा। उन्होंने आगे कहा, "मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूँ कि संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार और ट्रंप प्रशासन रूस और यूक्रेन दोनों के साथ मिलकर इस द्विपक्षीय वार्ता को संभव बनाने के लिए काम कर रहे हैं।"

लेविट ने बताया कि ट्रंप के शांति के प्रयासों के कारण रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी मुलाकात के 48 घंटे के भीतर ही यूरोपीय नेता व्हाइट हाउस पहुँच गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या अगर ट्रंप राष्ट्रपति होते तो इस संघर्ष को टाला जा सकता था, तो लेविट ने प्रशासन के रुख को दोहराया।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति अक्सर कहते हैं कि अगर वह पद पर होते तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता और पुतिन ने इसकी पुष्टि की है।" लेविट ने पुष्टि की कि पुतिन ने भी इस दृष्टिकोण को स्वीकार किया है, जिससे ट्रंप के लंबे समय से चले आ रहे इस दावे को बल मिलता है कि उनके राष्ट्रपति रहते युद्ध छिड़ने से बचा जा सकता था।

इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में मदद के लिए अमेरिकी सैनिकों को नहीं भेजा जाएगा। ट्रंप ने एक टीवी साक्षात्कार में यह भी कहा कि ‘नाटो’ में शामिल होने और रूस से क्रीमिया प्रायद्वीप को पुनः प्राप्त करने की यूक्रेन की उम्मीदें पूरी होना ‘‘असंभव’’ हैं। ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के बीच सोमवार को एक लंबी बैठक हुई। 

पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए ट्रंप ने जेलेंस्की द्वारा मांगी गई सुरक्षा गारंटी के तहत यूक्रेन की रक्षा के लिए यूरोपीय नेतृत्व वाले प्रयास में भाग लेने के लिए अमेरिकी सैनिकों को भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया था। पिछले सप्ताह अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा था कि पुतिन यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी के विचार के लिए तैयार हैं लेकिन मंगलवार को ‘फ़ॉक्स न्यूज चैनल’ के ‘फ़ॉक्स एंड फ्रेंड्स’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यूक्रेन की रक्षा में मदद के लिए अमेरिकी सैनिकों को नहीं भेजा जाएगा।

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