By अभिनय आकाश | Jan 27, 2026
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर अब एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जहां इस खुलासे से अमेरिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत अमेरिका ट्रेड डील को खुद ट्रंप प्रशासन ने भीतर से रोका था। दरअसल इस रिकॉर्डिंग में अमेरिका के रिपब्लिकन सेनेटर टैड क्रूज ने भारत अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार डील के रुकने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार पीटर नवारो को जिम्मेदार ठहराया है। एग्जिओस के मुताबिक यह करीब 10 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग एक रिपब्लिकन सूत्र द्वारा साझा की गई थी। यह रिकॉर्डिंग साल 2025 की शुरुआत और मध्य की बताई जा रही है। जिसमें टेक्सस से रिपब्लिकन सेनेटर टेड क्रूज निजी दानदाताओं से खुलकर बातचीत करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इस रिकॉर्डिंग में भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर क्रूज ने बड़ा दावा किया।
उन्होंने कहा कि वे भारत के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए वाइट हाउस से लगातार जूझ रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इस डील में रुकावट कौन डाल रहा है? तो उन्होंने पीटर नवारो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई मौकों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिया। रिकॉर्डिंग में जेडी वेंस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। जहां टेड क्रूज़ ने उन्हें रूढ़िवादी पडकास्टर टकर कालसेन के विचार से प्रभावित बताया और कहा कि वेंस की विदेश नीति सोच से ज्यादा अलगावादी है। इसी रिकॉर्डिंग में टेड क्रूज ने ट्रंप प्रशासन की टेरिफ वाली नीति की भी पोल खोल दी और टेरिफ वाली नीति की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकती है और इससे राष्ट्रपति ट्रंप को महाभियोग जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। क्रूज ने बताया कि अप्रैल 2025 की शुरुआत में जब टेररिफ लागू किए गए थे तब उन्होंने और कुछ अन्य सेनेटरों ने राष्ट्रपति ट्रंप से देर रात फोन पर बात की थी और उन्होंने इस फैसले को दोबारा विचार करने के लिए ट्रंप से अपील की थी। एक्स की रिपोर्ट के अनुसार यह बातचीत आधी रात के बाद तक चली थी। लेकिन इसका कोई भी अच्छा नतीजा नहीं निकला था। क्रूज ने दानदाताओं को बताया कि उस कॉल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप काफी नाराज थे और उन्होंने सेनेटरों पर चिल्लाया साथ में उन्हें गालियां भी बकी। रिकॉर्डिंग में ट्रेड क्रूज ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति को चेतावनी दी थी कि अगर नवंबर 2026 तक लोगों की रिटायरमेंट सेविंग्स में करीब 30% की गिरावट आती है और सुपर मार्केट में कीमतें 10 से 20% तक बढ़ती हैं तो रिपब्लिकन पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
उनके अनुसार यह एक ऐसी स्थिति होगी जहां रिपब्लिकन पार्टी पार्टी हाउस और सीनेट दोनों को खो सकती है। इसके साथ ही राष्ट्रपति को लगातार महाभियोग का सामना भी करना पड़ सकता है। लीक हुई यह पूरी रिकॉर्डिंग इस बात की ओर इशारा कर रही है कि ट्रंप के नीतियों से खुद अमेरिका में उनके साथी ही असंतोष से भरे हुए हैं। जहां ट्रंप अपनी मनमर्जी चलाने के मूड में है। और भारत के साथ ट्रेड समझौते को भी ट्रंप की इसी मनमर्जी चलाने वाली आदत ने पटरी से उतार दिया। नहीं तो भारत और अमेरिका के बीच यह समझौता लगभग होने ही वाला था और इसका इशारा अमेरिकी पक्ष ने किया था। जब उन्होंने एक बयान में कहा था कि उन्हें एक अच्छी डील मिलने जा रही है। लेकिन फिर बातचीत पटरी से उतर गई और अब यह समझौता ठंडे बस्ते में दिख रहा है। खैर इससे भारत को ज्यादा फर्क नहीं होने वाला क्योंकि भारत ने कई देशों के साथ एफडीए डील साइन करके अपने लिए नए बाजार बनाने का काम किया है और अब यूरोप के साथ भारत मदर ऑफ ऑल डील भी कर रहा है। फिलहाल इस लीक ऑडियो को लेकर वाइट हाउस, राष्ट्रपति ट्रंप या उपराष्ट्रपति जे डीवेंस की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इस रिकॉर्डिंग ने यह साफ कर दिया कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता ट्रंप प्रशासन के ही मंसूबों से अटका हुआ है।