By अंकित सिंह | Jun 03, 2025
मध्य प्रदेश दौरे पर गए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सीजफायर को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। राहुल ने कहा कि ट्रंप का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत सरेंडर हो गए - इतिहास गवाह है, यही भाजपा-आरएसएस का चरित्र है, ये हमेशा झुकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां महा शक्ति से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।
राहुल ने आगे कहा कि जातिगत जनगणना के दो मॉडल हैं। एक तेलंगाना का मॉडल, दूसरा बिहार का मॉडल। बिहार में अफसरों ने जातिगत सर्वे के लिए बिना दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, जनरल कास्ट या अल्पसंख्यकों से पूछे ही सवाल तैयार कर दिए। वहीं, तेलंगाना में हमने लाखों लोगों से सवाल पूछा। हमारे इस प्रॉसेस में 3.5 लाख से ज्यादा लोगों ने एक साथ मिलकर सवाल निकाले हैं। तेलंगाना के हर घर में सरकार के अफसर गए और सर्वे से जुड़े सवाल पूछे। इससे हमें पता चला कि प्रदेश में कॉर्पोरेट सेक्टर के बड़े पदों पर एक भी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग का व्यक्ति नहीं था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने कह दिया कि हम सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे और लोक सभा में जातिगत जनगणना पास करवा के दिखाएंगे। इस पर नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत, नितिन गडकरी ने कई बातें कहीं, लेकिन इन पर थोड़ा सा दबाव पड़ा और ये सरेंडर कर गए। बीजेपी-आरएसएस के लोग दबाव में आकर जातिगत जनगणना की बात बोल गए हैं, लेकिन जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहते हैं। बीजेपी-आरएसएस के लोग देश में न्याय नहीं चाहते। ये अडानी-अंबानी वाला देश चाहते हैं, ये सामाजिक न्याय वाला देश नहीं चाहते हैं।