ट्रंप ने दिया झटका तो चीन को याद आई दोस्ती, भारत के साथ मिलकर करना चाहता है काम

By अंकित सिंह | Mar 07, 2025

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है, ताकि पिछले अनुभवों को समेटा जा सके, आगे की राह बनाई जा सके और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ और स्थिर विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत और चीन इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे कर रहे हैं। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वांग यी ने कहा कि इस वर्ष चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। चीन भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, ताकि पिछले अनुभवों को समेटा जा सके, आगे की राह बनाई जा सके और चीन-भारत संबंधों को सुदृढ़ और स्थिर विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके।

भारत और चीन को "एक दूसरे का सबसे बड़ा पड़ोसी" बताते हुए वांग यी ने कहा कि चीन और भारत एक दूसरे के सबसे बड़े पड़ोसी हैं। चीन हमेशा मानता है कि दोनों को ऐसे साझेदार होने चाहिए जो एक दूसरे की सफलता में योगदान दें। ड्रैगन और हाथी का एक सहयोगी पा डे दो दोनों पक्षों के लिए एकमात्र सही विकल्प है।" उन्होंने कहा कि चीन और भारत का साझा कार्य दोनों देशों के विकास और पुनरोद्धार में तेजी लाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे का समर्थन करने की आवश्यकता है।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Exclusive: America से बिगड़ते रिश्तों के बीच China ने अपने Defence Budget में भारी वृद्धि कर क्या संकेत दिया है?

उन्होंने कहा कि दो सबसे बड़े विकासशील देशों के रूप में, चीन और भारत के पास अपने देशों के विकास और पुनरोद्धार में तेज़ी लाने का साझा कार्य है। हमारे पास एक-दूसरे को कमतर आंकने के बजाय एक-दूसरे का समर्थन करने, एक-दूसरे के खिलाफ़ चौकसी करने के बजाय एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने का हर कारण है। यही वह रास्ता है जो वास्तव में दोनों देशों और लोगों के मौलिक हितों की सेवा करता है। 

प्रमुख खबरें

Mahanadi water dispute: ओडिशा और Chhattisgarh समाधान के करीब पहुंचे, बोले Mohan Charan Majhi

UP RERA ने पांच जिलों में 2,086 करोड़ रुपये की 11 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी हरी झंडी

Bihar विधान परिषद चुनाव के लिए Congress ने उतारे पांच प्रत्याशी

Asian Games में भारतीय महिला Recurve टीम ने रचा इतिहास, South Korea को हराकर जीता Gold