By अभिनय आकाश | Oct 17, 2026
रूस के राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने शनिवार को रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के नए पैकेज को लागू न करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को एक ऐतिहासिक क्षण बताया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दूत दिमित्रीव ने एक्स पर कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा ग्राहम एक्ट को निलंबित करना एक महत्वपूर्ण और सचमुच ऐतिहासिक क्षण है। उनकी यह टिप्पणी, ट्रम्प द्वारा मॉस्को के खिलाफ नए प्रतिबंधों को हटाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ घंटों बाद आई।
कानून की धारा 115 में यह प्रावधान भी है कि यदि प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में हो, तो राष्ट्रपति ऐसी छूट दे सकते हैं। ट्रंप ने कहा ग्राहम कानून की धारा 115(ए) के तहत, मैं ग्राहम कानून की धारा 112 और 113 या इस आदेश में निर्धारित किसी भी शुल्क को लागू करने से छूट देता हूं। ग्राहम कानून की धारा 113 में रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों अथवा उसे प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान है। यह छूट ऐसे समय दी गई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले रूस के साथ अमेरिका और वैश्विक बाजारों के लिए डीजल की आपूर्ति का समझौता किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे में कुछ ही दिन शेष हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर रुबियो के साथ बैठक के दौरान ग्राहम कानून को लेकर चिंता जताई थी। समझा जाता है कि जयशंकर ने रुबियो को बताया था कि भारत की तेल रिफाइनरी मुख्य रूप से मध्यम श्रेणी के सल्फरयुक्त कच्चे तेल के प्रसंस्करण के लिए तैयार की गई हैं जिसकी आपूर्ति पश्चिम एशिया के देशों और रूस से होती है। उन्होंने रुबियो को यह भी बताया था कि वेनेजुएला से भारी ग्रेड का कच्चा तेल मिलता है, जबकि अमेरिका से हल्के ग्रेड का कच्चा तेल आता है। भारत की रिफाइनरियों में इस्तेमाल से पहले इन्हें दूसरे तेल के साथ मिलाना होगा। ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया के देशों से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारत अपनी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए रूसी कच्चे तेल पर निर्भर है।