ट्रम्प ने आर्थिक राहत वाले आदेश पर किए हस्ताक्षर, अमेरिकियों के लिए बढ़ाया बेरोजगारी भत्ता

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 09, 2020

बेडमिंस्टर (अमेरिका)।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शनिवार को देश के निर्वाचित नीतिनिर्माताओं के फैसले को दरकिनार करते हुए बेरोजगारी लाभ को बढ़ाने सहित कई अन्य फैसले किए। कोरोना वायरस महामारी को लेकर एक नए राहत पैकेज को अमेरिकी संसद की मंजूरी नहीं मिल पाने के बाद ट्रंप ने यह आदेश जारी किया। ट्रंप ने न्यूजर्सी के बेडमिंस्टर स्थित अपने निजी फार्म हाउस में चार कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने महामारी के दौरान लाखों अमेरिकियों के लिए बेरोजगारी लाख को जारी रखकर आगामी नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में बढ़त लेने की कोशिश की है। इससे पहले कांग्रेस ने इन भुगतान को खत्म हो जाने दिया था।

इसे भी पढ़ें: नागासाकी पर परमाणु बम गिरने की 75वीं बरसी, लोगों ने की हथियारों को प्रतिबंधित करने की अपील

इसके बाद व्हाइट हाउस और डेमोक्रेट के बीच इस लोकलुभावन पैकेज को आगे बढ़ाने को लेकर गतिरोध और बढ़ गया। कांग्रेस (संसद के) के नेताओं के साथ इन प्रशासनिक वार्ताओं से ट्रंप ने खुद को मौटेतौर पर दूर रखा था और उन्होंने अपनी तरफ से बातचीत की जिम्मेदारी व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज और वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन को सौंपी थी। ट्रंप ने ताजा फैसलों के तहत 400 अमेरिकी डॉलर की साप्ताहिक सहायता देने के साथ ही पेरोल टैक्स और संघीय शिक्षा ऋण को टालने का फैसला भी किया है। ट्रंप ने बेरोजगारी लाभ के बारे में कहा, ‘‘यह एक सप्ताह में 400 अमरीकी डालर है, और हम इसे डेमोक्रेट के बिना कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि राज्यों को इसकी लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा वहन करना होगा। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संघीय हिस्सा कहां से आएगा। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया कि पिछले कोरोना वायरस राहत कोष को बचे हिस्से से वह इसके लिए खर्च करेंगे।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

WSK Super Masters: 11 साल की Atika ने मुश्किल हालात में रचा इतिहास, लहराया भारत का परचम

ISL 2026: ईस्ट बंगाल की धमाकेदार शुरुआत, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड को 3-0 से हराया

Pro League में भारत की लगातार हार से बढ़ी चिंता, विश्व कप से पहले सुधार की जरूरत

T20 World Cup: सुनील गावस्कर की अभिषेक शर्मा को सलाह, विश्व कप में फार्म वापसी पर जोर