अब भारत के भरोसे ट्रंप, Gulf देशों के सामने ट्रेड रूट को दिया फुल सपोर्ट

By अभिनय आकाश | Sep 24, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति बहुत साफ शब्दों में कह रहे हैं कि  जिस तरह से हमले हो रहे हैं और ऊर्जा पर संकट खड़ा हो रहा है। ऐसे में वैकल्पिक रास्ते चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर आईएमईसी के अलावा जो है पाइपलाइन और तेल की आवाजाही के दूसरे विकल्प रास्तों का भी समर्थन किया। लेकिन आईएमईसी क्या है जिसका समर्थन अमेरिकी राष्ट्रपति खुले दिल से कर रहे हैं जिसमें मुख्य केंद्र में भारत है। दरअसल भारत खाड़ी देश और यूरोप को जोड़ने वाला ये जो पूरा कॉरिडोर है जिसमें  भारत से इसकी शुरुआत होती है और ये मुंबई जो है यहां से शुरू होती है और ये शिपिंग रूट है। ये जो है ये शिपिंग रूट है। पानी के रास्ते  यहां से पहुंचते हैं जो यूएई पहुंचते हैं। 

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भारत के लिए इससे क्या बदलेगा?


भारत के लिए आईएमईसी का जो महत्व है सिर्फ एक व्यापारिक मार्ग तक सीमित नहीं है। इसके जरिए भारत को खाड़ी और यूरोपीय बाजारों से जोड़ने वाली मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तैयार करने की योजना है। अगर परियोजना के प्रस्तावित हिस्से विकसित होते हैं तो भारत से यूरोप तक सामान पहुंचने के लिए मौजूदा समुद्री मार्गों के अलावा एक और विकल्प तैयार होगा। इससे सप्लाई चेन में विविधता आने और व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होने की संभावना है। लेकिन ट्रंप के समर्थन के बावजूद जो है आईएमईसी को लेकर एक बात साफ है कि अभी तक पूरी तरह से परिवहन कॉरिडोर नहीं है। इसके लिए कई देशों में रेलवे, बंदरगाह, लॉजिस्टिक दूसरे बुनियादी सुविधाओं को आपस में जोड़ना है।

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