By अभिनय आकाश | Jan 30, 2026
तेहरान में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबल के दूत की एंट्री है। मित्रों युद्ध के इस माहौल के बीच डोभाल के दूत की तेहरान पहुंचने की तस्वीरें सारी दुनिया में वायरल हो रही है। यानी जिस वक्त दुनिया सोच रही है अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध कब शुरू होगा? रोजाना दी जा रही नई-नई धमकियों के बीच क्या युद्ध तय है या फिर समझौते की भी कोई गुंजाइश बची है? उस वक्त भारत के इस दाव ने सारी दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिका ने तेहरान की तरफ अपने परमाणु बम सूंघने वाले विमान को रवाना कर दिया। जिसके बाद ईरान ने परमाणु बम हासिल करने की आशंका जाहिर की जा रही है। कल तक ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामनेई के बंकर में छिपे होने की खबर सामने आ रही थी। लेकिन आज उनकी सार्वजनिक तस्वीर सामने आ गई। यानी खामनेई बंकर से बाहर आ गए। इसी के साथ अमेरिका का दूसरा करियर स्ट्राइक ग्रुप ईरान के और नजदीक पहुंच गया। और इन सारे अपडेट्स के बीच डोभाल के दूत यानी भारत के डिप्टी एनएसए पवन कपूर ने तेहरान में उस शख्सियत के साथ बड़ी मीटिंग की है जिसे ईरान के सर्वोच्च नेता आया अली खामई का रणनीतिक दिमाग कहा जाता है।
अमेरिका पर होने वाले मिसाइल हमले से सुरक्षा और साइबर और स्पेस ऑपरेशन की रूख रूपरेखा भी यहीं पर तैयार की जाती है। यानी आप कह सकते हैं जिस एयरबेस से अमेरिका के परमाणु बम सूंघने वाले विमान ने उड़ान भरी वहीं पर अमेरिका का न्यूक्लियर दिमाग भी बैठता है। अमेरिका का WC135R कास्टेंट फिनिक्स विमान जब यहां से उड़ता है तो आमतौर पर यह कोई सामान्य ट्रेनिंग मिशन नहीं होता है बल्कि दुनिया के किसी हिस्से में परमाणु गड़बड़ी के संकेत होते हैं और फिलहाल यह विमान यूरोप होते हुए मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है। यानी अमेरिका को पूरा शक है मिडिल ईस्ट में कोई परमाणु घटना हो रही है और इस उड़ान को दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट्स सीधे ईरान के परमाणु बम से जोड़कर देख रहे हैं। अमेरिका का यह विमान उस वक्त ही अपना एयरबेस छोड़ता है जब अमेरिका को किसी देश पर न्यूक्लियर टेस्ट का शक हो। या फिर युद्ध जैसे हालात में किसी देश ने अमेरिका को न्यूक्लियर हथियारों की धमकी दी हो।