दबाब कम करने के लिए दी गई छूट, Russia Oil खरीद पर Trump का बयान, भारत ने कहा- किसी की मंजूरी नहीं चाहिए

By एकता | Mar 08, 2026

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने का असली मकसद ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दबाव कम करना है। ट्रंप के मुताबिक, वेस्ट एशिया और गल्फ के सप्लाई रूट में तनाव की वजह से रुकावटें आ रही हैं, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया। एयर फोर्स वन में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने स्कॉट बेसेंट की उस घोषणा का समर्थन किया, जिसमें भारतीय रिफाइनर्स को समुद्र में पहले से मौजूद रूसी क्रूड के शिपमेंट खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट दी गई है।

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वॉशिंगटन-नई दिल्ली की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप

अमेरिकी अधिकारियों, स्कॉट बेसेंट और क्रिस राइट ने जोर देकर कहा कि यह एक शॉर्ट-टर्म उपाय है और इसका मतलब रूस के प्रति उनकी बड़ी पॉलिसी में बदलाव नहीं है। बेसेंट ने बताया कि पहले भारत से रूसी तेल न खरीदने को कहा गया था और भारत ने उसका पालन भी किया, लेकिन मौजूदा सुरक्षा हालातों को देखते हुए यह ढील दी गई है।

उन्होंने भारत को एक जरूरी स्ट्रैटेजिक पार्टनर बताया और कहा कि यह कदम ईरान की उस कोशिश का मुकाबला करने के लिए है, जिसमें वह ग्लोबल एनर्जी को 'बंधक' बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, भारतीय अधिकारियों का कहना है कि देश कच्चा तेल खरीदने के लिए किसी बाहरी मंजूरी पर निर्भर नहीं है।

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