By रेनू तिवारी | Apr 22, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि बुधवार सुबह तक ईरान किसी ठोस समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू कर देगा। ट्रंप का यह बयान दो सप्ताह के युद्धविराम की समाप्ति से ठीक पहले आया है। सीएनबीसी के ‘‘स्क्वॉक बॉक्स’’ कार्यक्रम में यह पूछे जाने पर कि क्या वह ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाएंगे ताकि शांति वार्ता के माध्यम से युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता हो सके, ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं ऐसा नहीं करना चाहता।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका हफ्तों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ एक शानदार समझौता करेगा। ईरान के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर से अपनी अपेक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उनके पास कोई विकल्प नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनकी नौसेना को नष्ट कर दिया है, हमने उनकी वायु सेना को नष्ट कर दिया है, हमने उनके नेताओं को हटा दिया है।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘हमने उनके नेताओं को हटा दिया है, जिससे एक तरह से मामला थोड़ा जटिल हो जाता है, लेकिन ये नेता कहीं अधिक तर्कवादी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह सत्ता परिवर्तन है, चाहे आप इसे कुछ भी कहें, जो मैंने करने का वादा नहीं किया था, लेकिन मैंने इसे अप्रत्यक्ष रूप से कर दिया है।’’ पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्ला तरार ने मंगलवार शाम कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ वार्ता के दूसरे दौर में ईरान की भागीदारी के संबंध में अब भी औपचारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्धविराम बुधवार तड़के चार बजकर 50 मिनट पर समाप्त हो रहा है।
तरार ने कहा, “दो सप्ताह के युद्धविराम की समाप्ति से पहले वार्ता में भाग लेने का ईरान का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है।” ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि शांति वार्ता में भागीदारी के संबंध में अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच 11 और 12 अप्रैल को हुई पहले की दौर की वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई, वहीं दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।