By अभिनय आकाश | Sep 23, 2026
एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है। दोनों तरफ से जोरदार हमले हो रहे हैं तो दूसरी ओर जंग अब उस मोड़ पर दिखाई दे रही है जहां अगला कदम सिर्फ मैदान जंग नहीं बल्कि कूटनीति के मेज पर भी तय होगा। एक तरफ ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य दबाव और हमलों का सिलसिला जारी है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त संदेश दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनके सामने अब एक बड़ा फैसला है कि ईरान के साथ डील की जाए या फिर उसके खिलाफ कारवाई को और आगे बढ़ाया जाए। ट्रंप के इसी भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने यूएनजीए हॉल से वॉकआउ कर दिया। ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तब तक दबाव जारी रखेगा जब तक ईरान परमाणु हथियारों से जुड़ी चिंताओं का समाधान नहीं करता। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता और उन गतिविधियों से पीछे नहीं हटता जिन्हें अमेरिका आतंकवाद के समर्थन के रूप में देखता है।
यूएन मंच पर उन्होंने इसी मुद्दे को और ज्यादा खोल कर रख दिया और दुनिया को संकेत भी दिया कि आने वाले समय में क्या-क्या हो सकता है। संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने के बाद अमेरिका ईरान के साथ समझौता कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक मुझे ऐसा लगता है कि हम चुनाव के ठीक बाद डील कर लेंगे क्योंकि उनके लिए ऐसा ना करना समझदारी नहीं है। वे यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि मैं मिड टर्म चुनाव में कैसा प्रदर्शन करता हूं। इस दौरान उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान फिलहाल इंतजार की नीति पर है और अमेरिकी घरेलू राजनीति का नतीजा देखना चाहता है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट के बावजूद कूटनीतिक संपर्क जारी रहा। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए कई घंटों तक बातचीत हुई खबरें ऐसी सामने आ रही हैं।