White House में ट्रंप की ‘प्रेसिडेंशियल वॉक ऑफ फेम’, पूर्व राष्ट्रपतियों पर तंज से मचा विवाद

By Ankit Jaiswal | Dec 18, 2025

व्हाइट हाउस में पूर्व राष्ट्रपतियों के चित्रों के नीचे नई पट्टिकाएं लगाई गई हैं, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप की ‘प्रेसिडेंशियल वॉक ऑफ फेम’ का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रवेश द्वार पर लगे बोर्ड में लिखा है कि इस प्रदर्शनी की परिकल्पना, निर्माण और समर्पण खुद ट्रंप ने किया है, जो देश की सेवा करने वाले “अच्छे, बुरे और बीच के” राष्ट्रपतियों को समर्पित है हैं।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन की तस्वीर के नीचे लगी पट्टिका में उन्हें “स्लीपी जो” कहा गया है और अमेरिकी इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति बताया गया है। इसमें 2020 के चुनाव को भ्रष्ट करार देते हुए यह दावा भी किया गया है कि तमाम संकटों के बावजूद ट्रंप की दोबारा जीत हुई और उन्होंने देश को बचाया है हैं।

बराक ओबामा के बारे में लिखा गया है कि वे पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे, लेकिन साथ ही उन्हें अमेरिकी इतिहास के सबसे विभाजनकारी नेताओं में से एक बताया गया है। उनकी स्वास्थ्य नीति और कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की हार का भी उल्लेख किया गया है।

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पट्टिका अपेक्षाकृत संयमित दिखती है, जहां अपराध सुधार, सामाजिक योजनाओं और संतुलित बजट का जिक्र है, लेकिन यह भी कहा गया है कि ये उपलब्धियां रिपब्लिकन-नियंत्रित कांग्रेस और 1990 के दशक के तकनीकी उछाल के दौर में, तमाम घोटालों के बावजूद हासिल हुई थीं हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन 2016 का राष्ट्रपति चुनाव डोनाल्ड ट्रंप से हार गई थीं।

खुद ट्रंप की पट्टिका में जनवरी 2025 से शुरू हुए उनके दूसरे, गैर-लगातार कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया गया है। इसमें चुनावी कॉलेज में भारी जीत, सीमाओं की सुरक्षा, महंगाई में कमी, ऊर्जा लागत घटाने और अमेरिका में ट्रिलियन डॉलर के निवेश लाने जैसे दावे किए गए।

यहां तक कि रिपब्लिकन पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की पट्टिका में भी दोहरा स्वर नजर आता है। 9/11 के बाद की भूमिका और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के गठन की सराहना के साथ अफगानिस्तान और इराक युद्धों की आलोचना भी की गई।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इन पट्टिकाओं का बचाव करते हुए कहा है कि ये हर राष्ट्रपति की विरासत का सटीक और प्रभावशाली वर्णन हैं और कई विवरण खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने इतिहास के विद्यार्थी के रूप में लिखे हैं।

कुल मिलाकर, यह प्रदर्शनी ट्रंप की उस कोशिश के तौर पर देखी जा रही है, जिसके जरिए वे व्हाइट हाउस पर अपनी व्यक्तिगत छाप छोड़ना और अमेरिकी इतिहास को अपने नजरिये से प्रस्तुत करना चाहते हैं, जिस पर देशभर में प्रशंसा और आलोचना, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

प्रमुख खबरें

कर्नाटक में ATS अधिकारी बन 62 वर्षीय किसान को किया Digital Arrest, 1.31 करोड़ ठगे

खैरथल में जमीन विवाद के दौरान रिटायर्ड Subedar की हत्या, पांच आरोपियों पर FIR

Kolkata में TMC का शक्ति प्रदर्शन, केंद्र और Election Commission के खिलाफ मार्च

Indian Army ने सैनिकों के लिए शुरू किया Bharat Rice, NAFED करेगा सप्लाई