By एकता | Aug 11, 2026
अगर आपकी सेक्स लाइफ में एक जैसा रूटीन बन गया है और आप कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो कभी-कभी छोटी-सी वैरायटी भी अनुभव को खास बना सकती है। हर बार एक ही पोजीशन या तरीके को दोहराने के बजाय नए एंगल और अलग पोजीशन आजमाने से पार्टनर्स के बीच एक्साइटमेंट बढ़ सकता है। मिशनरी एक क्लासिक पोजीशन है और इसे पसंद करने की अपनी वजह है। लेकिन अगर आप कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो इन पोजीशन को ट्राई किया जा सकता है।
इस पोजीशन में दोनों पार्टनर्स एक-दूसरे के काफी करीब रहते हैं और सामान्य आगे-पीछे की गति के बजाय अलग तरह की मूवमेंट और एंगल आजमाए जाते हैं।
फायदे: यह पोजीशन उन कपल्स को पसंद आ सकती है जो ज्यादा क्लोज कॉन्टैक्ट और अलग तरह के सेंसेशन का अनुभव करना चाहते हैं।
नुकसान: शुरुआत में सही एंगल और तालमेल बनाने में थोड़ा समय लग सकता है।
बदलाव: ज्यादा आराम और सपोर्ट के लिए हिप्स के नीचे तकिया या वेज का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसमें दोनों पार्टनर्स करवट लेकर एक-दूसरे के करीब रहते हैं। शरीर की स्थिति थोड़ी मुड़ी हुई होती है, जिससे सामान्य पोजीशन की तुलना में अलग एंगल मिलता है।
फायदे: अगर आप अपनी सामान्य सेक्स पोजीशन से बोर हो चुके हैं, तो यह बिना ज्यादा मेहनत के अनुभव में बदलाव ला सकती है।
नुकसान: शरीर की लंबाई और बनावट के हिसाब से आरामदायक एंगल खोजने में थोड़ा समय लग सकता है।
बदलाव: शुरुआत या अंत एक सामान्य साइड-बाय-साइड पोजीशन से करना इसे ज्यादा आरामदायक बना सकता है। जरूरत के मुताबिक सेक्स पिलो या वेज का सहारा भी लिया जा सकता है।
यह पोजीशन पूल में की जाती है और इसके लिए ऐसा मजबूत फ्लोट जरूरी है जो शरीर का वजन सुरक्षित तरीके से संभाल सके। इसमें दोनों पार्टनर्स को संतुलन और सुरक्षा का खास ध्यान रखना चाहिए।
फायदे: पानी शरीर के वजन को कुछ हद तक सपोर्ट करता है, जिससे यह सामान्य बेडरूम पोजीशन से बिल्कुल अलग अनुभव दे सकती है।
नुकसान: इसके लिए पर्याप्त प्राइवेसी, सुरक्षित जगह और सही उपकरण की जरूरत होती है। पूल के आसपास फिसलने या संतुलन बिगड़ने का खतरा भी ध्यान में रखना चाहिए।
बदलाव: अलग एंगल के लिए शरीर की स्थिति बदली जा सकती है, लेकिन हर बदलाव में आराम और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
इसमें एक पार्टनर खड़ा रहता है और दूसरा उसके करीब रहकर शरीर को सपोर्ट देता है। यह पोजीशन दोनों के बीच काफी क्लोज कॉन्टैक्ट और आई कॉन्टैक्ट की गुंजाइश देती है।
फायदे: इसमें पार्टनर्स के बीच नजदीकी और रोमांटिक कनेक्शन ज्यादा महसूस हो सकता है।
नुकसान: इसे लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है और संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है।
बदलाव: अगर ज्यादा सपोर्ट चाहिए तो दीवार का सहारा लिया जा सकता है। इससे शरीर पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकता है।