By अभिनय आकाश | May 10, 2025
एक तरफ भारत पाकिस्तान को तो ठोक ही रहा है। आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर ही रहा है। दूसरी तरफ बलूचिस्तान में विद्रोह है। बलूच तो अप खुद को अलग देश कहने लगे हैं। तीसरी तरफ से टीटीपी भी पाकिस्तानी सैनिकों को जहन्नुम पहुंचा रहा है। तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने दक्षिण वजीरिस्तान में सकाई क्षेत्र में ये ऑपरेशन चलाया है। पहले ये खबर आई थी कि छह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। लेकिन सूत्र बताते हैं कि टीटीपी के लड़ाकों ने 20 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। बताया जा रहा है कि टीटीपी ने लेजर रायफल का इस्तेमाल किया।
टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद खोरासानी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और पाकिस्तानी सेना की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक देशद्रोही और पश्चिमी समर्थक समूह है जिसने हमले के लिए सूचना मुहैया कराई। खोरासानी ने पाकिस्तानी सेना को एक पेशेवर हत्यारा समूह बताया जो अपने लोगों की कीमत पर विदेशी हितों की सेवा करता है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर मुजाहिद्दीन को काफिरों के हवाले करने का आरोप लगाया, जो कि एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन की हत्या का संदर्भ था।
बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने पाकिस्तानी सेना और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए बलूचिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित हमले किए। हमले कई स्थानों पर हुए, जिनमें तुर्बत भी शामिल है, जहां डी बलूच क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया गया, और क्वेटा, जहां हज़ारगंजी और फैजाबाद क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर दो ग्रेनेड हमले हुए। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा बोलन में पाकिस्तानी सैन्य वाहन को निशाना बनाए जाने के दो दिन बाद ये ताज़ा हमले हुए। एक आईईडी विस्फोट में एक विशेष ऑपरेशन कमांडर सहित कम से कम आठ सैनिक मारे गए। छह गंभीर रूप से घायल हो गए। एक सप्ताह पहले, क्वेटा में बीएलए द्वारा किए गए आईईडी हमले में 10 पाकिस्तानी सेना के जवान मारे गए थे।