By दिनेश शुक्ल | Feb 19, 2021
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन में हुए बस हादसे के चौथे दिन 96 घंटे बाद नहर में दो और लाशें मिली हैं। लाशों का चेहरा मछलियों ने कुतर दिया था, इसलिए इनकी पहचान में काफी परेशानी आई फिर भी परिजनों ने इनकी पहचान रमेश विश्वकर्मा (25) और योगेंद्र शर्मा (28) के रूप में की है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम अब सिलपरा और टीकर के पास लापता युवक की तलाश कर रही हैं। वही दो और लोगों की शव मिलने के बाद अब मृतकों की संख्या 51 से बढ़कर 53 हो गई है।
मूलत: बिहार निवासी रमेश के पिता राजेंद्र सीधी में पीडब्लूडी में नौकरी करते हैं। रमेश अपनी बहन के घर बलिया (उत्तर प्रदेश) जाने के लिए बस में मंगलवार को सवार हुआ था। उसे सतना में ट्रेन पकड़नी थी। चार दिन से परिवार उसकी तलाश में आंसू बहा रहा था। वहीं, दूसरे मृतक योगेंद्र शर्मा पिपरोहर निवासी थे और एचडीएफसी बैंक में काम करते थे। मंगलवार को बैंक के ही काम से ही बस से सतना जा रहे थे। पिता सुरेश कुमार ने बताया था कि मंगलवार सुबह नौ बजे हादसे की सूचना मिली थी। तभी से परिवार योगेंद्र के मिलने की उम्मीद में सीधी से रीवा जिले की सीमा में नहर किनारे भटक रहा था।
हादसे की शिकार हुई बस में सवार कुकरीझर निवासी अरविंद विश्वकर्मा (20) का अब पता नहीं चल सका है। उनके पिता विश्वनाथ ने बताया था कि बेटा अपनी बुआ की बेटी बोदरहवा सिहावल निवासी यशोदा विश्वकर्मा (24) को एएनएम की परीक्षा दिलाने जा रहा था। हादसे में यशोदा की मौत हो गई और उसका शव मंगलवार को ही मिल गया था। लेकिन अरविंद अभी भी लापता है।