लखनऊ (उप्र)। बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र स्थित एक शिव मंदिर में मंगलवार तड़के दो साधुओं की लाठी से प्रहार कर हत्या कर दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। वहीं, विपक्ष ने मामले की गहराई से जांच करने और इसका राजनीतिकरण न करने की मांग की है। बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अनूप शहर थाना क्षेत्र स्थित फगौना गांव में एक शिव मंदिर में जगदीश (50) और शेर सिंह (52) नामक साधुओं की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि गांव का ही रहने वाला मुरारी नामक युवक अक्सर मंदिर आता था। वह नशे का आदी था और करीब दो दिन पहले उसने इन साधुओं का चिमटा चुरा लिया था।
मंगलवार तड़के इसी बात को लेकर उनका मुरारी के साथ झगड़ा हुआ था। सिंह ने बताया कि मुरारी ने दोनों साधुओं की डंडे से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक ग्रामीणों की मदद से पकड़े गये हत्यारोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 27-28 अप्रैल की दरम्यानी रात को वह भांग खाकर मंदिर गया और वहां सो रहे दोनों साधुओं के सिर पर लाठी से वार करके उन्हें मार डाला। हत्या की वजह के बारे में पूछे जाने पर मुरारी ने बताया कि उसकी साधुओं से कोई रंजिश नहीं थी। यह घटना भगवान की इच्छा है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है। वहीं, सपा और कांग्रेस ने बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या की गहराई से जांच की मांग करते हुए इनका राजनीतिकरण न करने को कहा है।
इसे भी पढ़ें: बुलंदशहर में साधुओं की हत्या की निष्पक्ष हो जांच, मामले का राजनीतिकरण नहीं हो: प्रियंका