By टीम प्रभासाक्षी | Feb 21, 2022
यूपी विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान रविवार को शाम 6:00 बजे समाप्त हो गया। इस चरण में प्रदेश की 16 जिलों की 59 सीटों पर वोट डाले गए। रविवार को 16 जिलों की 59 सीटों पर 61.61 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान में दिग्गज नेता समेत आम मतदाताओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि इस बीच मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने वोट नहीं डाला।
न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक सैफई के लोग अपर्णा यादव का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह वोट डालने नहीं पहुंची। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ है जब अपर्णा यादव ने वोट नहीं डाला है। वैसे अभी तक यह नहीं पता चल सका है कि वोट न डालने के पीछे वजह क्या है।
वहीं, इसके अलावा मुलायम सिंह के छोटे भाई अभयराम बाइक पर बैठकर वोट डालने पहुंचे। दोपहर के बाद अखिलेश यादव ने डिंपल यादव के साथ बूथ पर जाकर वोट डाला। आपको बता दें यादव परिवार के सैफई में 32 वोट हैं, जिसमें से रविवार शाम तक 30 लोगों ने वोट डाला। 2 वोट नहीं पड़े। सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाली अपर्णा यादव और उनकी सा साधना गुप्ता वोट डालने सैफाई नहीं पहुंची।
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का पैतृक गांव सैफई इटावा जिले के जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जसवंत नगर सीट पर 1996 से मुलायम सिंह के भाई शिवपाल सिंह यादव का कब्जा है। मुलायम सिंह यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, डिंपल यादव, अंकुर यादव, अभिषेक यादव, अपर्णा यादव, तेज प्रताप यादव समेत उनका पूरा परिवार सैफई में एक ही पोलिंग बूथ पर वोट डालेंगे। सरला यादव, प्रेमलता यादव, अभय राम यादव, रामगोपाल यादव और अक्षय यादव वोट डालेंगे सैफई के बूथ संख्या 239 पर मतदाता सूची चस्पा कर दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम मतदाता सूची में 568 नंबर पर है जबकि उनकी पत्नी डिंपल यादव का नाम 572 नंबर पर है। हाल ही में सपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव का नाम वोटर नंबर 586 पर उसी बूथ पर लिस्टेड है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के 403 सदस्य विधानसभा सीटों के लिए 7 चरणों में मतदान होगा। जिसमें से तीन चरण का मतदान हो चुका है। बाकी चरणों के लिए 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को मतदान होगा। मतों की गिनती 10 मार्च को होगी।
उत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा ने 403 विधानसभा सीटों में से 312 सीटें हासिल की थी। सपा के खाते में 47 सीटें आई थीं। बसपा ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी और कांग्रेस केवल 7 सीटें ही जीत पाई थी। बाकी सीटों पर अन्य उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।