शिवसेना (उबाठा) और मनसे में गठबंधन की अटकलों के बीच राज से दूसरी बार मिले उद्धव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 11, 2025

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे बुधवार को अपने चचरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे से यहां उनके आवास पर मिलने पहुंचे। निकाय चुनावों से पहले दोनों दलों में गठबंधन की अटकलों के बीच दोनों पार्टी प्रमुखों और उनके नेताओं की बैठक मुंबई में दादर स्थित राज ठाकरे के आवास ‘शिवतीर्थ’ पर आयोजित की गई।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि उद्धव ठाकरे राज की मां कुंडा से मिलने ‘शिवतीर्थ’ गए थे और कुंडा उनकी ‘मां की बहन’ हैं, लेकिन उन्होंने मुलाकात के राजनीतिक पहलू पर ज्यादा कुछ नहीं कहा।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठी भाषी बहुल राज्य में हिंदी थोपे जाने के आरोपों के बीच कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्रों के लिए ‘तीन-भाषा’ फार्मूले पर अपने विवादास्पद आदेश को वापस लिए जाने के बाद, उद्धव और राज पांच जुलाई को मुंबई में अपनी ‘जीत’ का जश्न मनाने के लिए मंच पर एक साथ आए थे।

जुलाई के अंत में राज उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई देने के लिए उपनगरीय बांद्रा स्थित उनके आवास मातोश्री पर आए थे। हालांकि राज ने 2005 में अविभाजित शिवसेना छोड़ दी थी और इसके लिए उद्धव को जिम्मेदार ठहराया था लेकिन 2024 के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टियों की हार ने अब तक प्रतिद्वंद्वी समझे जाने वाले दोनों भाईयों को संबंध सुधारने के लिए प्रेरित किया है।

राज्य में धन-संपन्न बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) समेत आगामी स्थानीय निकाय में चुनावों के मद्देनजर दोनों पार्टियों ने गठबंधन बनाने के पर्याप्त संकेत दिए हैं लेकिन अभी तक औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी होगी।

ठाकरे परिवार के बीच हुई हालिया बैठक के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनके पास यह समझने के लिए कोई तंत्र नहीं है कि दोनों भाइयों के मन में क्या है। फडणवीस ने नासिक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं किसी से नहीं मिला और मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा। मेरे पास यह समझने की कोई तकनीक नहीं है कि उनके मन में क्या है। मुझे उनकी बैठक के बारे में कुछ नहीं पता।’’

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख और मनसे अध्यक्ष के बीच हुई हालिया बैठक के बारे में पूछे जाने पर भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख और विधायक अमित साटम ने बुधवार को कहा कि नागरिकों को राजनीतिक नेताओं के बीच पारिवारिक बैठकों की तुलना में विकास की अधिक चिंता है।

साटम ने संवाददाताओं से कहा, बात यह नहीं है कि कौन किससे मिल रहा है और उनके पारिवारिक रिश्ते कैसे हैं बल्कि यह है कि अटल सेतु, कोस्टल रोड, वर्ली और आसपास के इलाकों में बीडीडी चॉल का पुनर्विकास किसने करवाया और पूरे मुंबई में सीसीटीवी कैमरों का विशाल नेटवर्क किसने स्थापित किया। ये प्रमुख मुद्दे हैं और मुंबईवासी इसी आधार पर वोट देंगे।

उन्होंने कहा कि शहर भर के लोगों ने पिछले चुनावों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का समर्थन किया है और आगे भी करते रहेंगे। भाजपा के विधान पार्षद प्रवीण दरेकर ने भी बैठक को अधिक महत्व नहीं दिया।

दरेकर ने कहा, एक छोटे राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर मुझे इन दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ देखकर खुशी होगी क्योंकि महाराष्ट्र में नागरिक संवाद और समान विचारधारा वाले समूहों के साथ जुड़ने का इतिहास रहा है लेकिन अभी उनके गठबंधन की बात करने का समय नहीं है।

शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विपक्षी खेमे मविआ में साझेदार हैं। दोनों दलों के गठबंधन को लेकर पूरे महाराष्ट्र में चल रही चर्चा के बीच शिवसेना (उबाठा) और मनसे को पिछले महीने ‘बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांस्पोर्ट’ (बेस्ट) कर्मचारी सहकारी क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के चुनाव में झटका लगा था, जब दोनों दलों द्वारा समर्थित पैनल सभी 21 सीट पर हार गया।

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