By नीरज कुमार दुबे | Mar 27, 2023
राजनीतिक दलों को सामयिक मुद्दों को लेकर एक दूसरे पर निशाना साधना चाहिए। आजादी की लड़ाई में किसने सर्वाधिक योगदान दिया, किसका योगदान कम रहा। किसने माफी मांगी या किसने सजा भुगती जैसे विषयों से देश के भविष्य का निर्माण नहीं किया जा सकता। आजादी सबके योगदान से मिली और हरेक को विभिन्न प्रकार के कष्टों को सहन करना पड़ा था। स्वतंत्रता आंदोलन के ज्ञात और अज्ञात, सभी नायकों का असली सम्मान यही होगा कि हम उनको वर्तमान की राजनीति में नहीं घसीटें। लेकिन कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी शायद इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं हैं इसीलिए वह बार-बार वीर सावरकर का अपमान कर रहे हैं जिसको लेकर राजनीति गर्मा गयी है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि वीर सावरकर जी का बार-बार जो अपमान राहुल गांधी कर रहे हैं, इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर का देश की आजादी के लिए जो योगदान है, वो सभी को पता है। उनका बार-बार अपमान करने से राहुल गांधी को बचना चाहिए।
वहीं उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है। इसके अलावा उद्धव ठाकरे गुट ने आज मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होने वाली विपक्ष की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है क्योंकि राहुल गांधी ने कहा था कि मैं सावरकर नहीं हूं, मैं गांधी हूं। इस बारे में संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों से हमें ठेस पहुँची है तो वहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि क्या वह राहुल गांधी की बातों से सहमत हैं।
दूसरी ओर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी कहा कि राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी में जिस तरह से वीर सावरकर जी का अपमान किया है, उससे उन्होंने देश के करोड़ों राष्ट्रभक्त लोगों की भावनाओं को आहत करने का काम किया है। वहीं केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी सावरकर कभी हो नहीं सकते। सावरकर जी देश के लिए समर्पित थे। उन्होंने कहा कि राहुल जी सावरकर जी का अपमान तो आपने किया ही, लेकिन अपनी दादी और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की इज्जत बचा लेते, नेहरू जी की इज्जत बचा लेते। आपने उनको भी अपमानित कर दिया।
हम आपको याद दिला दें कि गुजरात में सूरत की एक अदालत द्वारा 2019 के मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने शनिवार को कहा था, ‘‘मेरा नाम सावरकर नहीं है, मेरा नाम गांधी है और गांधी किसी से माफी नहीं मांगते हैं।’’