By रितिका कमठान | Mar 13, 2024
नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने वाले नोटिफिकेशन को केंद्र सरकार सोमवार 11 मार्च को जारी कर चुकी है। एक तरफ जहां भाजपा समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष लगातार इस मामले में केंद्र सरकार की आलोचना करने में जुटा हुआ है।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि वे धर्मों के बीच भेदभाव पैदा कर झगड़े और दंगे कराना चाहते हैं। आने वाले चुनाव में एक पर एक तरफ बीजेपी है जो धर्मों के बीच नफरत पैदा कर रही है और दूसरी तरफ देशभक्त भारत गठबंधन है। यह चुनाव देशभक्त बनाम नफरत करने वालों के बीच होने जा रहा है। अगर आप विदेशों से हिंदुओं को हमारे यहां लाना चाहते हैं तो पहले कश्मीरी पंडितों को वापस लाओ और फिर सीएए लाओ।
जानें सीएए के बारे में
बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक 11 दिसंबर 2019 को संसद द्वारा पारित किया गया था। एक दिन बाद ही राष्ट्रपति से इसे सहमति मिली थी। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के लोग सीएए लागू होने के बाद आसानी से देश की नागरिकता हासिल कर सकेंगे। ये नागरिकता उन लोगों को मिलेगी जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आ चुके थे।