By अनन्या मिश्रा | Jul 31, 2026
आज ही के दिन यानी की 31 जुलाई को क्रांतिकारी उधम सिंह को फांसी दी गई थी। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए अपनी जिंदगी न्योछावर कर दी थी। उधम सिंह को जलियांवासला बाग हत्याकांड ने झझकोर कर रख दिया था। वहीं उधम सिंह की हिम्मत ने अंग्रेजों को हिलाकर रख दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर उधम सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
उधम सिंह भगत सिंह से काफी ज्यादा प्रभावित थे। भगत सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलन में कदम रखा। साल 1927 में वहीं हथियार और देशद्रोही साहित्य के आरोप में जेल गए। जेल से रिहाई के बाद उन्होंने लंदन की राह पकड़ी। यहां पर उन्होंने जलियांवाला बाग के जिम्मेदार माइकल ओ डायर को सबक सिखाने की सोची। 13 मार्च 1940 को उधम सिंह लंदन के कैक्सटोन हॉल पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने किताब में छिपाए रिवॉल्वर से ओ डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। उधम सिंह द्वारा लिया गया यह बदला जलियांवाला बाग हत्याकांड के घाव का प्रतीक थी। जिसके बाद उधम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमे में उधम सिंह ने गर्व से कहा कि उन्होंने यह अपने देश के लिए किया है।
वहीं 31 जुलाई 1940 को उधम सिंह को लंदन की पेंटनविले जेल में फांसी दी गई।