By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
चेन्नई, चार अगस्त तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि को मंगलवार सुबह पूर्वी तंजावुर के एक पुलिस दल ने चेन्नई के नीलांकरई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किए, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
तंजावुर में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का पुतला फूंककर गिरफ्तारी का विरोध जताया। राजनीतिक टकराव के बीच अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। थेनी में पुलिस ने उदयनिधि की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे द्रमुक के वरिष्ठ नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को हिरासत में ले लिया।
तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा एवं तमिल विकास मंत्री राजमोहन ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि द्रमुक कार्यकर्ताओं ने आम लोगों पर हमला किया। उन्होंने लिखा, ‘‘द्रमुक कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम नहीं करने और आम जनता को परेशानी नहीं पहुंचाने का आग्रह करने वाले एक दोपहिया वाहन चालक की बेरहमी से पिटाई किए जाने का दृश्य बेहद चौंकाने वाला है।’’ मंत्री ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ‘‘कानून अपना काम करेगा’’। यह विवाद तीन अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर उदयनिधि के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान द्रमुक ने राज्य में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) से कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने, किसानों के सभी ऋण पूरी तरह माफ करने और डेल्टा जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। उदयनिधि के संबोधन के दौरान भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाए। इस पर उदयनिधि ने एक टिप्पणी की, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश इकाई के नेताओं और टीवीके सहित राजनीतिक विरोधियों ने आपत्तिजनक द्विअर्थी टिप्पणी करार दिया।
भाषण के बाद टीवीके के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राष्ट्रीय महिला आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप करने, उदयनिधि से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज करने की मांग की।