Israel की E1 settlement योजना पर बढ़ा विवाद, UK ने आयात पर लगाया कड़ा प्रतिबंध

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026

(रोरी मैक्कार्थी, डरहम यूनिवर्सिटी) डरहम (ब्रिटेन), 10 सितंबर (द कन्वरसेशन) इजराइल दशकों से कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अपनी बस्तियों का निर्माण करता आ रहा है। लेकिन ब्रिटेन का बस्तियों से जुड़े सामान के आयात पर नया प्रतिबंध पिछले चार वर्षों में निर्माण गतिविधियों में हुई वृद्धि की प्रतिक्रिया है। वर्ष 2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) की परामर्श वाली राय में इन बस्तियों को अवैध करार दिया गया था और इन्हें रोकने की बात कही गई थी। सबसे अधिक ध्यान हाल में यरूशलम के बाहरी इलाके में नई बस्ती परियोजना ‘ई1’ के निर्माण की दिशा में उठाए गए कदमों पर है। इसकी योजना 1999 में बनाई गई थी, लेकिन पिछले करीब एक साल में इसमें काफी प्रगति हुई है। ई1 परियोजना वेस्ट बैंक के भौगोलिक स्वरूप में बड़ा बदलाव ला सकती है। मौजूदा योजना के तहत इस बस्ती में हजारों आवासीय इकाइयों के अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान और क्षेत्रीय सेवाओं की व्यवस्था भी शामिल है। इस परियोजना से बड़ी इजराइली बस्ती माले अदुमीम को पूर्वी यरूशलम से जोड़ने वाला एक नया शहरी क्षेत्र तैयार होगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से ई1 परियोजना को तीन प्रमुख कारणों से संवेदनशील मानता रहा है। पहला कारण यह है कि इससे पूर्वी यरूशलम वेस्ट बैंक के बाकी हिस्सों से अलग-थलग पड़ जाएगा, जिसमें रामल्ला और बेथलहम जैसे प्रमुख फलस्तीनी शहर शामिल हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भविष्य में किसी दो-राष्ट्र समाधान के तहत पूर्वी यरूशलम को फलस्तीनी राज्य की प्रस्तावित राजधानी माना जाता है। दूसरा कारण है कि ई1 वेस्ट बैंक के सबसे संकरे हिस्से से होकर गुजरती है, जिससे क्षेत्र के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच संपर्क बाधित हो सकता है। इस तरह वेस्ट बैंक का विभाजन भविष्य के फलस्तीनी राज्य की स्थापना के प्रयासों को कमजोर कर सकता है। तीसरा कारण यह है कि ई1 के निर्माण से फलस्तीनियों का विस्थापन होगा। इसमें खान अल-अहमर समुदाय के लोग भी शामिल हैं, जिन्हें इजराइली अधिकारियों ने नई बस्ती के निर्माण से पहले मई 2026 में हटाने का आदेश दिया था। इजराइली सरकार के मंत्रियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ई1 परियोजना भविष्य के फलस्तीनी राष्ट्र की संभावना को खत्म कर देगी। सितंबर 2025 में ई1 पर प्रगति की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था, ‘‘हम अपने उस वादे को पूरा करेंगे कि कोई फलस्तीनी राष्ट्र नहीं होगा।’’ इजराइल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने भी कहा था कि ई1 परियोजना ‘‘फलस्तीनी राष्ट्र के विचार को दफना देगी।’’ कई वर्षों तक लंबित रहने के बाद हाल के समय में ई1 परियोजना में तेजी आई है। अगस्त 2025 में इस स्थल पर 3,400 से अधिक आवासीय इकाइयों के निर्माण को अंतिम मंजूरी दी गई थी। इसके बाद अगस्त 2026 में ई1 के दक्षिणी हिस्से में 1,200 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए पहली निविदा जारी की गई। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर है, जो 27 अक्टूबर को होने वाले इजराइली चुनाव से ठीक पहले की है। ब्रिटेन का आयात प्रतिबंध उन कंपनियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया कदम माना जा रहा है, जो ई1 के निर्माण में शामिल हो सकती हैं। कनाडा, फ्रांस, आयरलैंड और स्पेन समेत कई अन्य देशों ने भी इसी तरह के कदमों का समर्थन किया है।

प्रमुख खबरें

Junior Asia Cup में भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को 19-0 से हराया

Sweet Kaise Banaen: Festive Season में घर आए Guests के लिए बनाएं ये 5 Easy Dessert Recipes, सब करेंगे तारीफ

क्या Netflix पर The Early Spring का एपिसोड 22 देर से आएगा? जानें रिलीज़ में देरी और अब तक की पूरी जानकारी

Supreme Court ने अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की