By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 24, 2026
यूक्रेन के ओडेसा तट के निकट मालवाहक जहाज पर रूसी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले कर्मचारियों देवरिया के अभिषेक निषाद और कर्नाटक के अखिल जोयन के शव 34 दिन बाद रविवार को भारत लाए गए। मालवाहक जहाज कंपनी की प्रतिनिधि प्रज्ञा त्रिपाठी ने पीटीआई-को रविवार को बताया कि निषाद का शव दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, जिसके बाद उनके रिश्तेदार सुबह करीब आठ बजे शव लेकर पैतृक गांव करमेल के लिए रवाना हो गए। जिला प्रशासन के एक प्रवक्ता के अनुसार गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी 22 वर्षीय अभिषेक निषाद मालवाहक जहाज ‘गोल्डन लियो’ पर चालक दल के सदस्य के रूप में कार्यरत थे।
उन्होंने कहा कि डीएनए रिपोर्ट के मिलान के बाद अभिषेक के शव की पहचान हुई। उन्होंने बताया कि डीएनए जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अभिषेक का शव 34 दिन बाद उसके पैतृक गांव लाया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि यूक्रेन के कीव स्थित बोरिस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शव को मोल्दोवा के चिसिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और फिर विमान के जरिए नयी दिल्ली लाया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी की एंबुलेंस से शव को करमेल लाया जा रहा है, जो देर रात तक लाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विगत 19 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह के निकट मालवाहक जहाज गोल्डन लियो पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चालक दल के चार भारतीय सदस्यों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी, जिनमें अभिषेक निषाद के अलावा कर्नाटक के हासन जिले के 26 वर्षीय अखिल जोयन, पंजाब के रहने वाले गुरप्रीत सिंह भट्ट और राजस्थान के जगन सिंह शामिल हैं। अभिषेक के शव को भारत लाने में हुई देरी को लेकर विदेश मंत्रालय ने केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान को जानकारी दी थी।