By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 10, 2022
प्रेज्मिस्ल। यूरोप और अन्य हिस्सों में करीब 20 लाख यूक्रेनी शरणार्थी फैले हुए हैं, जिनमें से कुछ शरणार्थियों ने जो आंखों देखी सुनाई है उससे युद्ध अपराध का मामला बन सकता है। शरणार्थियों ने कहा कि रूसी सुरक्षा बल गोलीबारी करके नागरिकों को मार रहे थे। रूसी सेना के हमले के कारण यूक्रेन से पलायन करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यूक्रेन से पलायन करने वालों में इहोर दीकोव भी हैं, जो कीव के बाहर लकड़ी के बने अस्थायी पुल के जरिये इरपिन नदी पार करके किसी प्रकार अपनी जान बचाने में सफल रहे। पक्के पुल को यूक्रेन की सेना ने रूसी सैनिकों को रोकने के लिए उड़ा दिया है। स्थिति को भयावह बताते हुए दीकोव ने कहा कि सीमा पार करते समय उन्होंने गोलीबार की आवाज सुनने के साथ सड़क किनारे पड़ी लाशों को भी देखा। दीकोव ने कहा, ‘‘रूसियों ने गलियारा (मानवीय) उपलब्ध कराने का वादा किया, लेकिन इसका पालन नहीं किया।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने बुधवार को कहा कि उसने यूक्रेन में रूस के आक्रमण के बाद से दो सप्ताह में 37 बच्चों सहित 516 नागरिकों की मौत दर्ज की है। माना जा रहा है कि वास्तविक मौतों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। इस बीच कुछ शरणार्थियों ने मौत को खुद देखा है। इनकी गवाही नागरिकों और अस्पतालों तथा घरों जैसी नागरिक संरचनाओं को लक्षित करने के लिए रूस को जवाबदेह ठहराने के लिहाज से अहम साबित होगी। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के अभियोजक ने पिछले हफ्ते एक जांच शुरू की, जो उन वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बना सकती है जिन्हें युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार समझा जा रहा है। इस बीच कुछ देशों ने शरणार्थियों के लिए नियमों में ढील दी है। ब्रिटेन ने कहा कि मंगलवार से पासपोर्टधारी यूक्रेन निवासियों को अब उंगलियों के निशान देने के लिए वीजा आवेदन केंद्र तक जाना नहीं होगा।