By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 15, 2026
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को दावा किया कि बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल गांवों में दूषित पानी से फैली बीमारी के कारण 19 बच्चों की मौत हो चुकी है और राज्य सरकार वास्तविक आंकड़े छिपा रही है। सिंघार के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि सिंघार ने प्रभावित गांवों कुंडेकसा, बोंदारी और कोरका का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों से मुलाकात कर उनकी हालत और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
सिंघार ने प्रभावित बैगा आदिवासी बहुल गांवों में तत्काल स्वास्थ्य जांच, उपचार, पर्याप्त पोषण और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘दूषित पानी और कुपोषण की आशंका के बीच स्थिति बेहद चिंताजनक है। सरकार को तत्काल हर व्यक्ति, विशेषकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने बीमार बच्चों का उचित और नि:शुल्क उपचार, पर्याप्त पोषण, स्वच्छ पेयजल तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि हर बच्चे को समुचित इलाज मिले और चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी परिवार को अपना बच्चा न खोना पड़े। सिंघार ने संभावित प्रशासनिक लापरवाही की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में 19 बच्चों की जान गई है।
सिंघार ने कहा, ‘‘सरकार लोगों के सामने वास्तविक आंकड़े रखने के बजाय मौतों की वास्तविक संख्या छिपाने की कोशिश कर रही है।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन उनके पास आदिवासी परिवारों के ‘‘आंसू पोंछने’’ और बच्चों की जान बचाने का समय नहीं है। सिंघार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन यादव आदिवासी गौरव की बात करते हैं। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने इन आदिवासी बच्चों के लिए क्या किया है।’’ सिंघार के साथ कांग्रेस विधायक संजय उइके, मधु भगत, अनुभा मुंजारे और विवेक विक्की पटेल भी गांवों के दौरे पर थे।