By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 20 अक्टूबर संयुक्त राष्ट्र के 20 से अधिक मानवाधिकार विशेषज्ञों ने नयी दिल्ली और अन्य भारतीय शहरों में पिछले तीन महीनों के दौरान युवाओं के नेतृत्व वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिस की ओर से “बार-बार की गई कठोर कार्रवाई” पर मंगलवार को चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने के अधिकार का “सम्मान करने, उसकी रक्षा करने और उसकी अनुमति देने” का आग्रह किया। जिनेवा में जारी एक बयान में मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा, “यह कार्रवाई एक व्यापक और चिंताजनक रुझान को दर्शाती है।
बयान जारी करने वाले मानवाधिकार विशेषज्ञों में शांतिपूर्ण सभा और संगठन की स्वतंत्रता के अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक जीना रोमेरो; अभिव्यक्ति और विचार की स्वतंत्रता के अधिकार को बढ़ावा देने और उसकी रक्षा करने पर विशेष प्रतिवेदक लियोपोल्डो माल्डोनाडो गुटिरेज; मानवाधिकार रक्षकों की स्थिति पर विशेष प्रतिवेदक एंड्रिया बोलानोस वर्गास; यातना और अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार या दंड पर विशेष प्रतिवेदक पाउ पेरेज सालेस; और महिलाओं एवं लड़कियों के खिलाफ हिंसा, इसके कारणों और परिणामों पर विशेष प्रतिवेदक रीम अलसालेम शामिल हैं।