By Prabhasakshi News Desk | Aug 05, 2024
जयपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के अनेक नेताओं ने विधायक मुकेश भाकर को विधानसभा से निलंबित किए जाने की आलोचना की है। गहलोत ने आरोप लगाया है कि विधानसभा में विपक्ष के विधायकों के साथ ‘अलोकतांत्रिक व पक्षपातपूर्ण’ व्यवहार किया जा रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी वकीलों की नियुक्ति से जुड़े एक मुद्दे को लेकर हुए हंगामे व नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुकेश भाकर को सदन से निलंबित करने की घोषणा की। बाद में भाकर को सदन से निकालने के लिए आए मार्शलों व कांग्रेस विधायकों में धक्का मुक्की हुई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने एक्स पर लिखा, “भाजपा सरकार सदन की गरिमा खत्म करने पर तुली है। विधानसभा में कांग्रेस की महिला विधायक अनीता जाटव एवं हरिमोहन शर्मा समेत अनेक सदस्यों के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।” उन्होंने कहा, “सदन की कार्यवाही से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर का निलंबन इनकी तानाशाही का नमूना है। सत्ता के घमंड में चूर भाजपा सरकार सदन में जनता के मुद्दों पर जवाब देने की जगह विपक्ष की आवाज़ को कुचलने का कुप्रयास कर रही है।” कांग्रेस नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया जताते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “विधायक मुकेश भाकर का निलंबन तानाशाही को प्रमाणित करता है।