By अनन्या मिश्रा | Jul 24, 2026
क्या आप भी मार्केट या ऑनलाइन सनस्क्रीन खरीदते हैं। लेकिन सनस्क्रीन पर लिखे 'SPF 30', 'SPF 50', या 'PA+++' जैसे शब्दों को देखकर कंफ्यूज हो जाते हैं। तो बता दें कि सिर्फ आप ही अकेले ऐसे नहीं हैं। बहुत से लोग सनस्क्रीन खरीद तो लेते हैं, लेकिन इन लेबल्स का मतलब नहीं जानते हैं। असल में यह दोनों शब्द सूरत की अलग-अलग खतरनाक किरणों से बचने का पैमाना है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि इन दोनों में क्या फर्क होता है और आपकी स्किन के लिए कौन सा सनस्क्रीन बेस्ट रहेगा।
UVB वही किरणें हैं, जिनकी वजह से त्वचा पर रेडनेस और सनबर्न आ जाती है। यही किरणें आगे चलकर त्वचा को लंबा और भारी नुकसान पहुंचाती हैं। सनस्क्रीन पर SPF नंबर जितना ज्यादा होता है। आपकी स्किन को UVB किरणों से उतनी ज्यादा सुरक्षा मिलती है। जैसे- SPF 30 के मुकाबले SPF 50 आपकी सूरज की UVB किरणों से ज्यादा बेहतर सुरक्षा देगी।
सनस्क्रीन पर SPF के साथ-साथ PA की रेटिंग भी दी जाती है। यह रेटिंग हमारी स्किन को सूरज की UVA किरणों से बचाती है। सूरज की UVA किरणें काफी हानिकारक होती हैं। यह स्किन की गहराई की परत तक पहुंच जाती हैं। जिस कारण फेस पर पिग्मेंटेशन, टैनिंग, झुर्रियां और समय से पहले बुढ़ापा नजर आने लगता है।
PA+ - कम कवरेज
PA++ - मीडियम कवरेज
PA+++ - अधिक कवरेज
PA++++ - बहुत अधिक कवरेज
ब्यूटी एक्सपर्ट की मानें, तो सनस्क्रीन खरीदने के समय सिर्फ SPF देखना काफी नहीं होता है। बल्कि आपको ऐसा 'ब्रॉड स्पेक्ट्रम' सनस्क्रीन चुनना चाहिए, जिसमें यह दोनों ही खूबियां मौजूद हों।
ऐसा सनस्क्रीन लें, जिसमें कम से कम SPF 30 के साथ में PA+++ की सुरक्षा हो।
अगर आप कोई ऐसा काम करते हैं, जिसमें आपको लंबे समय तक बाहर रहना पड़ता है या फिर आपकी त्वचा पर जल्दी टैनिंग और पिग्मेंटेशन हो जाती है। तो आपको SPF 50 और PA++++ वाला सनस्क्रीन लेना चाहिए।
आसान शब्दों में समझें तो SPF आपकी स्किन को धूप में जलने से बचाना है। वहीं PA रेटिंग आपकी स्किन को जल्दी बूढ़ा होने और टैनिंग से रोकती हैं। स्किन की सही सुरक्षा के लिए इन दोनों का सही बैलेंस होना जरूरी है। ऐसे में जब अगली बार सनस्क्रीन खरीदें तो इन दोनों लेबल्स पर जरूर ध्यान देना चाहिए।