By अभिनय आकाश | Sep 23, 2026
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का मंच इस बार वैश्विक कूटनीति, तीखी चेतावनियों और अटूट दोस्ती के एक अनूठे संगम का गवाह बना। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को 'नरक में जाने' की दो टूक चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी, वहीं तुर्किये ने एक बार फिर अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए कश्मीर का राग अलापा। लेकिन इस सियासी तनातनी और कड़वाहट के बीच, भूटान ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का खुलकर गुणगान कर पूरी दुनिया के सामने सच्चे पड़ोस धर्म की मिसाल पेश कर दी। आइए विस्तार से जानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर किस वैश्विक नेता ने क्या कहा और क्यों ये भाषण दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं।
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के सभी विवादों, जिसमे कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है। इसका समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में यह महत्वपूर्ण है कि कश्मीर मुद्दे समेत सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के तहत बातचीत के जरिए सुलझाया जाए। कश्मीर को लेकर उनका का यह रुख नया नहीं है। उन्होंने सितंबर 2025 में भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के संबोधन में कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावो का हवाला दिया था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार करने की जोरदार अपील की।
अपनी पहली मुलाक़ात के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बरनहम ने मध्य पूर्व को लेकर अपने मतभेदों को दरकिनार कर दिया। ट्रंप ने बरनहम की तारीफ़ करते हुए उन्हें स्वाभाविक रूप से एक बिज़नेस करने वाला व्यक्ति बताया।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलने के लिए खड़े हुए, तो उनका भाषण सिर्फ वहां बैठे प्रतिनिधियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल जैसा था। आमतौर पर पड़ोसी देशों में ज्यादा बनती नहीं है लेकिन भूटान के पीएम ने खुलकर अपने पड़ोसी भारत की तारीफ की। भूटान ने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने भारत को भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त और करीबी पड़ोसी बताया। टोबगे ने भूटान की महत्वाकांक्षी परियोजना गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC) में भारत के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शहर भारतीय सीमा के पास बनाया जा रहा है और इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार का समर्थन मिल रहा है। साथ ही भारत के पड़ोसी राज्य असम की ओर से भी इस परियोजना में सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने खुलकर कहा कि भारत, भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त है।