By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 26, 2026
संयुक्त राष्ट्र में शरणार्थी मामलों के प्रमुख बरहम सालेह ने दुनियाभर के देशों से आग्रह किया कि वे संघर्षों और संकटों को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करें ताकि अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर 11.7 करोड़ से अधिक लोग घर वापस लौट सकें और उनकी भावी पीढ़ियों को विस्थापित होकर किसी दूसरे देश में न रहना पड़े। सालेह ने पिछले साल दिसंबर में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त चुने जाने के बाद सुरक्षा परिषद को पहली बार संबोधित किया। उन्होंने 15 सदस्यों वाली परिषद से कहा कि उन पर (सदस्य देशों पर) ‘‘शांति कायम करने में मदद करने की विशेष जिम्मेदारी’’ है।
सालेह ने उन विभिन्न संघर्षों का उल्लेख किया जिनके कारण लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सूडान में युद्ध दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन संकट बना हुआ है और देश के भीतर एवं बाहर कुल 1.2 करोड़ लोग विस्थापित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक यह युद्ध जारी रहेगा, लोग पलायन करते रहेंगे।’’ सालेह ने कहा कि कांगो में ‘‘कई पीढ़ियां संघर्ष और हिंसा के दौर से गुजर चुकी हैं’’ और अब इबोला के बढ़ते संकट ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध के कारण देश के भीतर लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जबकि लाखों अन्य लोगों को दूसरे देशों में शरण लेनी पड़ी है। शरणार्थी मामलों के प्रमुख ने माना कि लंबे समय से विस्थापित और मानवीय सहायता पर निर्भर शरणार्थियों की संख्या 2035 तक आधी करने का उनका लक्ष्य ‘‘महत्वाकांक्षी’’ है। उन्होंने कहा कि यूएनएचसीआर का लक्ष्य होना चाहिए कि ‘‘जहां संभव हो, वहां विस्थापन को रोका जाए, जहां लोग विस्थापित हो चुके हैं वहां ऐसी परिस्थितियां बनाई जाएं कि लोग सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन फिर से शुरू कर सकें।