By अंकित सिंह | Sep 19, 2026
मध्य प्रदेश के गुना में, जो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का संसदीय क्षेत्र है, एक तनावपूर्ण स्थिति तब पैदा हुई जब स्थानीय लोगों ने सड़क की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर उनके काफिले को रोक दिया। इस दौरान एक निवासी ने चेतावनी दी कि सड़क न होने का खामियाजा उन्हें वोट के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ सकता है। सख्त लहजे में सिंधिया ने चेतावनी देने के इस तरीके पर आपत्ति जताई और लोगों से कहा कि वे इसके बजाय अनुरोध करें और काम पूरा कराने की जिम्मेदारी उन पर छोड़ दें।
सिंधिया ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए उस निवासी से कहा कि मेरे साथ कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल मत करना। समझे? मैं सबसे बात कर रहा हूँ। आप आकर अनुरोध करते हैं। काम पूरा करवाना मेरी ज़िम्मेदारी है। ठीक है? सिंधिया और निवासियों के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया है, जिससे सड़क की मांग को लेकर हुई इस बहस पर लोगों का ध्यान गया है। इस टकराव के बाद सड़क प्रोजेक्ट के बारे में घोषणा की गई।
वीडियो वायरल होने के करीब आधे घंटे बाद, सिंधिया ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में घोषणा की कि सड़क बनाने के लिए 3 करोड़ रुपये मंज़ूर किए जाएंगे। यह रकम गुना के विधायक पन्नालाल शाक्य के कोटे से, यानी विधायक निधि से मंज़ूर की गई। सिंधिया ने ज़िला कलेक्टर को यह भी निर्देश दिया कि वे पक्का करें कि सड़क बनाने का काम मॉनसून के बाद शुरू हो। सड़क की यह मांग ऐसे समय में उठी है जब स्थानीय लोग गुना नगरपालिका पर बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं।