By रितिका कमठान | Jun 07, 2025
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जब से भगदड़ की घटना हुई है उसके बाद से ही इस मामले पर लगातार सिसायत हो रही है। इसी कड़ी में अब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी मांग की है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
जोशी ने कहा कि अगर हाईकमान का कोई आदेश है तो सबसे पहले डीके शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। राहुल गांधी देश-दुनिया में जाते रहते है और कई विषयों पर बात करेंगे। राहुल गांधी को इस घटना के बारे में जानकारी ही नहीं है। सरकार पागलों की तरह कुप्रबंधन करने वाली व्यवहार किया है। चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास तीन लोगों की मौत होने के बाद भी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उनके बच्चे, पोते, परपोते और आईएएस अधिकारी विधान सौध के पास सेल्फी लेते रहे। क्या ये कोई अक्षम्य अपराध नहीं है? 11 लोगों की मौत होने के बाद भी कार्यक्रम नहीं रोका गया और ये जारी रहा।
इस दौरान बेंगलुरू सत्र न्यायालय ने भी शुक्रवार को भगदड़ के सिलसिले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के वरिष्ठ अधिकारी निखिल सोसले व तीन इवेंट मैनेजरों समेत चार लोगों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। चार जून को सुबह केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कब्बन पार्क पुलिस और केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के संयुक्त अभियान में उसे गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के पदाधिकारियों को अंतरिम राहत प्रदान की, जिन्होंने भगदड़ के सिलसिले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अंतरिम आदेश में अदालत ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 9 जून तक के लिए स्थगित कर दी।
केएससीए अध्यक्ष रघु राम भट, सचिव ए शंकर, कोषाध्यक्ष ईएस जयराम और केएससीए के अन्य पदाधिकारियों ने एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। निखिल सोसले ने भी अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बिना किसी साक्ष्य के गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच भी नहीं की गई। इस प्रकार उन्होंने अपनी गिरफ़्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की है। गुरुवार को बेंगलुरु पुलिस ने आरसीबी फ्रैंचाइज़, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के खिलाफ़ गैर इरादतन हत्या, अवैध रूप से इकट्ठा होने और अन्य गंभीर आरोपों के तहत एफ़आईआर दर्ज की।
भगदड़ के एक दिन बाद कर्नाटक पुलिस ने बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त बी दयानंद सहित कई आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। दयानंद के अलावा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार विकास, पुलिस उपायुक्त (मध्य) शेखर एचटी, सहायक पुलिस आयुक्त बालकृष्ण और कब्बन पार्क पुलिस निरीक्षक गिरीश ए.के. को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।