Famous Shiv Temple: 3000 साल प्राचीन मंदिर की अनोखी बनावट, जहां गंगा जल में डूबे हैं महादेव

By अनन्या मिश्रा | Aug 15, 2026

भारत में महादेव के कई फेमस मंदिर हैं, जो अपनी अनोखी परंपराओं और रहस्यों के कारण जाने जाते हैं। उन्हीं में से एक केरल के मलप्पुरम जिले में नीरपथूर महादेव मंदिर है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर भगवान शिव का शिवलिंग सालभर पानी में डूबा रहता है। यही कारण है कि इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

इसे भी पढ़ें: Famous Shiv Temple: हिमाचल के इन Famous Shiva Temples के दर्शन से मिलेगी अपार शांति, देखें पूरी Travel Guide

कहां है ये मंदिर

भगवान शिव का यह मंदिर केरल के मलप्पुरम जिले में पुथूर गांव में है। नीरपथूर महादेव मंदिर का संचालन मालाबार देवस्वम बोर्ड करता है। यहां पर हर साल बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं।

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत

नीरपथूर महादेव मंदिर की सबसे बड़ी खासियत गर्भगृह है। यहां पर महादेव शिवलिंग के रूप में विराजमान थे। यहां पूरे साल गर्भगृह में पानी भरा रहता है। यही कारण है कि यह मंदिर केरक के सबसे अनोखे शिव मंदिरों में शामिल है।

हमेशा पानी में रहता है शिवलिंग

माना जाता है कि मंदिर में मौजूद शिवलिंग स्वयंभू है। यहां कि यह शिवलिंग अपने आप प्रकट हुआ था। वहीं गर्भगृह में भरा यह पवित्र जल मां गंगा का प्रतीक है।

क्यों खास होते हैं यहां के दर्शन

नीरपथूर महादेव मंदिर के आसपाल हरियाली छाई रहती है। गर्भगृह में मौजूद पानी का दृश्य बेहद सुंदर दिखता है। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। वहीं कई बार भारी बारिश के कारण पानी का लेवल भी बढ़ जाता है। इस कारण मौसम के हिसाब से दर्शन की व्यवस्था बदल दी जाती है।

यहां मनाए जाते हैं ये त्योहार

नीरपथूर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा यहां सहस्र दीपम भी यहां का प्रमुख उत्सव है। इस मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में ऊक्त पहुंचते हैं और दीपक की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है।

मंदिर की बनावट

यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं बल्कि अपनी अनोखी बनावट के कारण भी खास है। जहां ज्यादातर मंदिरों में गर्भगृह सूखा रहता है। वहीं यहां पर शिवलिंग पूरे साल पानी से भरा रहता है।

ऐसे पहुंचे

आप यहां पर हवाई जहाज से पहुंच सकते हैं। बता दें के कालीकट से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंदिर से करीब 60 किमी दूर है।

वहीं आप यहां पर ट्रेन से आना चाहती हैं, तो तिरूर रेलवे स्टेशन मंदिर से 60.7 किमी दूर है।

वहीं अगर बस से आते हैं, तो पेरिंथलमन्ना KSRTC बस डिपो मंदिर से करीब 25.9 दूर है।

इन बातों का रखें ध्‍यान

बारिश के मौसम में फिसलन के लिए कंफर्टेबल जूते पहनें।

मंदिर के अंदर जाने से पहले वहां के सभी नियमों का पालन करें।

दर्शन और पूजा के दौरान शांति बनाए रखें।

अगर आप मॉनसून में यहां जा रहे हैं, तो पहले मौसम की जानकारी ले लें।

प्रमुख खबरें

PM Modi का बड़ा ऐलान: 1 साल में 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI Training, भारत बनेगा ग्लोबल Innovation Hub

IPS Nupur Prasad को Presidents Medal, Sushant Singh Rajput केस में CBI जांच का किया था नेतृत्व

Income Tax Relief: छात्रों और NRI के लिए अघोषित विदेशी संपत्ति बताने का मौका, 31 दिसंबर 2026 है Deadline

Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai बोले - नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब Peace और Prosperity की राह पर प्रदेश