By अभिनय आकाश | Oct 06, 2026
अमेरिका, कनाडा और लैटिन अमेरिका व कैरिबियन के आठ देशों की सरकारों ने एक संयुक्त घोषणा जारी की। इसमें ईरान और उसके सहयोगियों पर पूरे पश्चिमी गोलार्ध में आतंकवादी गतिविधियों और कई तरह के नुकसानदेह ऑपरेशन चलाने का आरोप लगाया गया और इन खतरों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का वादा किया गया। यह संयुक्त घोषणा पिछले महीने आयोजित अमेरिका-पराग्वे फोरम का नतीजा है। इस फोरम का मकसद कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करना था, ताकि उस इलाके में ईरान समर्थित आतंकवादी गतिविधियों से निपटा जा सके, जिन्हें वॉशिंगटन ने ऐसा ही करार दिया है। इसमें शामिल सरकारों ने कहा कि ईरान और उसके सहयोगी पूरे इलाके में जानलेवा साजिशें रचने, गैर-कानूनी तरीके से फंड जुटाने, राजनीतिक दखलंदाजी करने और विदेशी प्रभाव बढ़ाने वाले अभियानों में शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा, "हम ऐसे खतरों से अपने देशों और लोगों की सुरक्षा करने के अपने संकल्प में एकजुट हैं।
जारी बयान में किसी खास घटना, संगठन या कथित साज़िश का ज़िक्र नहीं किया गया। सरकारों ने क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा पहले से लागू किए गए उन उपायों की सराहना की, जिनका मकसद ईरान की नुकसानदेह गतिविधियों (जिनमें जानलेवा साज़िशें भी शामिल हैं) को रोकना था। संयुक्त बयान में कहा गया, "हम उन्हें रोकने के लिए और कदम उठाने के लिए मिलकर प्रतिबद्ध हैं, और इस खतरे से निपटने के लिए अपने तालमेल और सहयोग को बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।" विदेश विभाग के अनुसार, यह घोषणा 'काउंटरिंग ट्रांसनेशनल टेररिज्म फोरम' के बाद की गई, जिसकी मेज़बानी पिछले महीने अमेरिका और पैराग्वे ने संयुक्त रूप से की थी। विभाग ने बताया कि इस फोरम का मकसद ईरान से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए पश्चिमी गोलार्ध की सरकारों के बीच कानून लागू करने वाले विभागों के सहयोग को बेहतर बनाना था।