उप्र में CAA पर संशयों को दूर करने में जुटी भाजपा, चल रहे जागरूकता अभियान

By अजय कुमार | Dec 18, 2019

 उत्तर प्रदेश में एनआरसी और नागरिकता संशोधन बिल को लेकर जहां कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बसपा सहित कुछ छोटे दल मुसलमानों को भड़का कर अपनी सियासत चमकाने और माहौल खराब करने की कोशिश में लगे हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कह दिया है कि प्रदेश में शांति भंग करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी ऐसे सभी दलों के खिलाफ मैदान संभाल लिया है। योगी सरकार की सख्ती की वजह से ही अभी तक उत्तर प्रदेश में एनआरसी या कैब के बहाने प्रदेश का माहौल बिगाड़ने वालों के इरादे सफल नहीं हो पाए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में चिंगारी भड़की जरूर थी, लेकिन उसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी अफवाह फैलाने वालों के सुरों को दबाने की कोशिश लगातार जारी है। कैब के बहाने लखनऊ के मुस्लिम शिक्षण संस्थान नदवा कालेज से भी कुछ छात्रों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी, जिन्हें आसपास के मुस्लिम लोगों का भी समर्थन मिल रहा था। लेकिन योगी की पुलिस ने हालात बिगड़ने नहीं दिए।

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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों को बताना चाहिए कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी और सिख भारत के अलावा कहां शरण लें। भाजपा नेता लोगों को बताएंगे कि धर्म के आधार पर भारत विभाजन की मांग मुस्लिम लीग ने की थी और कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन स्वीकार किया। विभाजन के कारण तमाम लोगों को काफी मुसीबतें उठानी पड़ीं। इन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार देने के लिए नागरिकता संशोधन कानून बनाया गया है।

मुसलमानों को भी बताया जाएगा कि एनआरसी या कैब अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नहीं है। उन्हें इस हकीकत से भी रूबरू किया जाएगा कि बांग्लादेश में 1947 में हिंदू 22 प्रतिशत थे, वे 2011 में 7.8 प्रतिशत रह गए। पाकिस्तान में 1947 में हिंदुओं की आबादी 23 प्रतिशत थी, यह 2011 में घटकर मात्र 3.2 प्रतिशत रह गई। भारत में 1951 की जनगणना के अनुसार मुस्लिम आबादी 9.8 प्रतिशत थी, यह 2011 में 14.23 प्रतिशत हो गई। पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं बांग्लादेश के सर्वोच्च पदों पर किसी हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी या सिख को काम करने का मौका नहीं मिला, जबकि भारत में कई मुस्लिम शख्सियतों ने महत्वपूर्ण पद हासिल किए हैं।

भाजपा यह मानती और जानती है कि नागरिकता कानून पर कुछ लोग राजनीतिक कारणों से भ्रम फैला रहे हैं। इस कानून से न तो देश के मुसलमानों को कोई खतरा है और न पूर्वोत्तर राज्यों की पहचान को। कानून में पूरी स्पष्टता से विभाजन की विभीषिका झेलने वाले लाखों लोगों को कष्टों से उबारने के लिए नागरिकता देने की व्यवस्था की गई है। भाजपा नेता डॉ. सुधांश त्रिवेदी ने रेप वाले बयान के लिए राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि वह जिस तरह माफी न मांगने पर अड़े हैं, उसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। भाजपा ने मुलसमानों का भ्रम दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार में संयुक्त कार्यशाला भी की, जिमसें भाग लेने वालों को इस कानून के बारे में बताकर उन्हें लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। भाजपा के रणनीतिकारों ने अपने नेताओं से कहा कि सबको बताया जाए कि इस कानून से वर्षों से प्रताड़ना झेल रहे हिंदुओं, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और सिखों को नारकीय जीवन से छुटकारा मिलेगा। विधेयक को पारित कराने से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने ढाई सौ से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर विचार−विमर्श किया। उसके बाद इस विधेयक को लाया गया।

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इस मौके पर भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने चुटकी ली कि पाकिस्तान और बांग्लादेश या अफगानिस्तान के मुस्लिम भी भारत की नागरिकता लेने के इतने ही इच्छुक हैं तो सभी लोगों को गलती सुधारते हुए वापस भारत की नागरिकता ले लेनी चाहिए, हम तैयार हैं। इससे वृहत्तर भारत का सपना साकार हो जाएगा। त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग इस कानून पर भ्रम फैलाकर मुसलमानों को डरा रहे हैं, उन्हें इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी एकदम खत्म होने के करीब कैसे पहुंच गई और भारत में मुस्लिम आबादी 9 प्रतिशत से 14.5 प्रतिशत तक कैसे पहुंच गई। त्रिवेदी ने राहुल गांधी के रेप इन इंडिया के बयान पर माफी न मांगने पर कहा कि राहुल गांधी ने माफी न मांगने का बालहठ कर रखा है। राहुल गांधी की यह गलती अक्षम्य है। देश उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्होंने चुटकी ली कि राहुल ने राफेल पर भी देश से माफी नहीं मांगी जब कोर्ट पहुंचे तो माफी मांगी थी। लब्बोलुआब यह है कि भाजपा अपने किसी भी फैसले के खिलाफ जनमानस को उकसाने वालों के मंसूबे नाकाम करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं बाकी रखना चाहती है।

-अजय कुमार

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