उत्तर प्रदेश चुनावः दलबदलुओं को नहीं मिली कामयाबी, 21 में से सिर्फ चार को मिली जीत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2022

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ऐन पहले दलबदल करने वाले ज्यादातर विधायकों का दांव खाली गया और ऐसे 80 प्रतिशत जनप्रतिनिधि सियासी संग्राम में सफलता हासिल नहीं कर सके। दलबदल कर विभिन्न राजनीतिक दलों का हाथ थामने वाले इन 21 विधायकों में से सिर्फ चार को ही जीत नसीब हुई है। पाला बदलने वाले इन विधायकों में से 9 भाजपा जबकि 10 सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे। दो विधायकों ने क्रमशः अपना दल (एस) व वीआईपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। जिन प्रमुख नेताओं को हार का सामना करना पड़ा उनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य व धर्म सिंह सैनी के अलावा बरेली की पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन शामिल हैं। ये नेता चुनाव से ऐन पहले समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। 

इसे भी पढ़ें: स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- जनता का जनादेश मंजूर, नाग और सांप ने मिलकर नेवले को जीतने नहीं दिया

अदिति सिंह (रायबरेली), अनिल कुमार सिंह (पुरवा) और मनीष कुमार (पड़रौना) ने दलबदल के बाद भाजपा के टिकट पर चुनाव में जीत हासिल की। जबकि योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने चुनाव से ठीक पहले सपा का हाथ थामा व घोसी सीट से विजयी रहे। अदिति सिंह ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया था। हालांकि राकेश सिंह भाजपा के टिकट पर रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हरचंदपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल करने में विफल रहे। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन ने 273 सीट जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) नीत गठबंधन ने 125 सीट पर जीत हासिल की है। सीएसडीएस में एसोसिएट प्रोफेसर संजीर आलम ने कहा कि जब इस तरह नेता दल बदलते हैं तो इसमें विचारधारा नहीं अवसरवाद भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी पार्टी की विचारधारा से जुड़ाव या पसंद नहीं होती। आज के दौर में दलबदल के पीछे अवसरवाद शब्द ज्यादा प्रभावी दिखाई देता है। इसे वृहद और सूक्ष्म स्तरों पर देखा जाना चाहिए। 

प्रमुख खबरें

CWC की बैठक के बाद KC Venugopal बोले, PM Modi के पास पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं

नंदीग्राम उपचुनाव: Calcutta HC ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को दी अंतरिम जमानत

Arunachal Pradesh में India-Myanmar Border पर Assam Rifles पर हमला, 1 जवान शहीद और 4 घायल

Jammu Kashmir Assembly: राज्य का दर्जा बहाली प्रस्ताव पर BJP का कड़ा विरोध