UP MLC Election: 11 सीटों के नतीजे घोषित, BJP ने 6 और SP ने 5 पर दर्ज की जीत

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 29, 2026

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने पांच सीट पर जीत दर्ज की। राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 57 घंटे तक चली मतगणना के बाद सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा को निर्वाचित घोषित किया गया। बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी अंतिम परिणामों के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार दिनेश कुमार गोयल ने 24,929 मत प्राप्त कर मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की।

मान सिंह यादव को 60,358, जबकि राठौर को 32,695 मत मिले। लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की कांति सिंह ने 56,905 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह को हराया, जिन्हें 39,778 मत मिले। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आशुतोष सिन्हा को कुल 55,046 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह को 35,114 मत प्राप्त हुए।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवार उमेश द्विवेदी ने लखनऊ से 13,179 मत हासिल कर जीत हासिल की। श्रीचंद शर्मा ने मेरठ से 18,099, हरि सिंह ढिल्लों ने बरेली-मुरादाबाद से 21,672 और ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने गोरखपुर-फैजाबाद से 16,790 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव ने 11,612 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल 14,046 मत पाकर विजयी रहे।

इस प्रकार, सभी 11 सीट के घोषित परिणामों में भाजपा ने छह और सपा ने पांच सीट पर जीत दर्ज की। करीब 18 हजार मतों के अंतर से जीतने वाले सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने कहा, “अभी तो यह झांकी है, आगे पूरा उत्तर प्रदेश बाकी है।” इससे पहले, बुधवार को घोषित परिणाम में वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव की जीत की घोषणा की गई थी। परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “भाजपा ने अपनी सीट बरकरार रखी हैं।

उसका मत प्रतिशत भी बढ़ा है। मतपत्र से मतदान की मांग करने वाली पार्टियां चुनाव लड़ने का साहस नहीं जुटा सकीं।” चौधरी ने वर्ष 2027 और उसके बाद होने वाले चुनावों में मतपत्र के जरिए मतदान कराने की विपक्ष की मांग को भी खारिज कर दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी में भाजपा की हार को ‘‘डबल इंजन की डबल हार’’ करार दिया।

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भाजपा एक ‘फ्लॉप शो’ बन गई है। भाजपा वाले वाराणसी में पहले मतगणना में हारे, फिर दोबारा मतगणना में हारे। मतलब, दो बार मतगणना हुई और दोनों बार भाजपा और उसके सहयोगी हारे।

यह ‘डबल इंजन’ की ‘डबल हार’ है।” सपा प्रमुख ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है। उन्होंने कहा कि यह एक ओर भाजपा की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी ओर पढ़े-लिखे बेरोजगार स्नातकों ने भी अपना फैसला सुना दिया है। यादव ने कहा कि भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी और अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित वर्ग एकजुट हो गए हैं।

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक परिणामों के अनुसार, मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उमेश द्विवेदी, लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा की कांति सिंह, वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव, वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के आशुतोष सिन्हा, आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल और आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की। इसके अलावा, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. मान सिंह यादव, मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी विजयी रहे। वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हंगामे के बीच करीब 57 घंटे तक मतगणना चली।

परिणाम घोषित होने से पहले ही भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए परोक्ष रूप से अपनी हार स्वीकार करते हुए समर्थन करने वाले मतदाताओं का आभार जताया था। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “जनादेश को मैं पूर्ण विनम्रता एवं लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ स्वीकार करता हूं। यद्यपि इस चुनाव में हमें अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं हो सकी, तथापि आप सभी का स्नेह, सहयोग और विश्वास मेरे लिए सदैव अमूल्य रहेगा।” सिंह ने कहा कि चुनाव में सफलता और असफलता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभिन्न अंग हैं, लेकिन जनसेवा का संकल्प किसी परिणाम का मोहताज नहीं होता।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे शुरू हुई थी।

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