By अंकित सिंह | Sep 17, 2026
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को घोषणा की कि पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया जाएगा। राजभर ने कहा कि बढ़ी हुई राशि सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। मंत्री ने कहा कि उनकी सैलरी, जिसमें कभी-कभी छह से सात महीने की देरी हो जाती थी, अब समय पर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। पंचायत सहायकों के विरोध-प्रदर्शन के बीच मंत्री मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री के अनुसार पंचायत सहायकों को इलाज के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ मिलेगा। महिला पंचायत सहायकों को मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश) भी मिलेगी। अब मानदेय की राशि सीधे पंचायत सहायक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। पहले मानदेय ग्राम प्रधान के खाते में जमा होता था और सचिव व ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद ही निकाला जा सकता था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। इस दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के तहत हटाए गए पंचायत सहायकों को बहाल किया जाएगा।
1. मानदेय बढ़ाकर 20,000–25,000 रुपये करना: सरकार ने मानदेय में 3,000 की बढ़ोतरी की।
2. पंचायत सहायकों को कॉन्ट्रैक्ट के बजाय स्थायी करना: सरकार ने अभी तक यह माँग नहीं मानी है।
3. मानदेय सीधे बैंक खातों में भेजना: सरकार ने यह माँग मान ली।
4. नौकरी से हटाने से पहले उचित जाँच करना: मान लिया गया।
5. विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामले वापस लेना: सरकार ने यह माँग भी मान ली।
पंचायत सहायक 7 सितंबर से लखनऊ के इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार के फैसले के बारे में पता चलते ही पंचायत सहायकों ने खुशी जताई, अपना प्रदर्शन खत्म किया और अपने घरों को लौट गए। पंचायत सहायकों के विरोध-प्रदर्शन पर BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल और सांसद चंद्रशेखर ने भी अपना समर्थन देने के लिए विरोध स्थल का दौरा किया। चंद्रशेखर ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हमारे भाई किसी की मांगें पूरी नहीं करेंगे।