By अभिनय आकाश | Jul 04, 2026
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को घोषणा की कि वह पार्टी की राज्य इकाई की अध्यक्ष की भूमिका भी संभालेंगी और मदन मित्रा तथा कुणाल घोष को राज्य समिति में महासचिव के तौर पर शामिल किया। बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा AITC चेयरपर्सन के तौर पर, मैं घोषणा करती हूं कि आज से मैं पश्चिम बंगाल राज्य TMC अध्यक्ष की भूमिका भी संभालूंगी। पार्टी समिति में दो और लोगों--मदन मित्रा और कुणाल घोष--को शामिल किया गया है। दोनों को इस समिति का महासचिव नियुक्त किया गया है। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी संगठनात्मक कलह और रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट द्वारा पार्टी मुख्यालय पर कब्जा करने के बाद सामने आया है।
इससे पहले रिताब्रता ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस कमेटी के लिए एक नए नेतृत्व ढांचे के गठन की घोषणा की और अरूप रॉय को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया।
उन्होंने 30 सदस्यों वाली राष्ट्रीय कार्य समिति (NWC) का भी गठन किया और साथ ही दोहराया कि वह चाहते हैं कि ममता बनर्जी TMC में एक मार्गदर्शक (मेंटर) की भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि 30 सदस्यों वाली समिति में फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष, सबीना यास्मीन, जावेद खान, संदीपन साहा और अन्य शामिल हैं, जबकि फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रिताब्रता बनर्जी ने फिर से कहा कि ममता बनर्जी को एक मार्गदर्शक के तौर पर संगठन से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि दीदी एक मार्गदर्शक की ज़िम्मेदारी संभालें और हमारा मार्गदर्शन करें। इस गुट का दावा है कि उसे पार्टी के 80 में से कम से कम 58 विधायकों का समर्थन हासिल है। इसने 30 सदस्यों वाली राष्ट्रीय कार्य समिति (NWC) का भी गठन किया है और कहा है कि ममता बनर्जी को पार्टी के भीतर मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहना चाहिए।