Mata Hateshwari Mandir: हिमाचल प्रदेश के इस मंदिर में बांधकर रखा गया है कलश, महाभारत काल से जुड़ा है इसका इतिहास

By अनन्या मिश्रा | Apr 15, 2025

हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां पर अक्सर लोग घूमने-फिरने जाते हैं। लेकिन यहां पर ऐसे कई फेमस और प्राचीन मंदिर हैं, जिससे जुड़ी कई स्थानीय मान्यताएं और लोककथाएं मौजूद हैं। हिमाचल प्रदेश में एक हाटेश्वरी मंदिर है, जिसका इतिहास पांडवों से जुड़ा हुआ माना जाता है। जिसके साक्ष्य आज भी मंदिर में देखने को मिलते हैं। हालांकि इस मंदिर के बारे में काफी कम लोग जानते हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला से 130 किमी की दूरी पर हाटेश्‍वरी माता का मंदिर है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के पब्‍बर नदी के किनारे बसा एक प्राचीन गांव है। इस मंदिर में दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं। तो आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में...

कहां है ये मंदिर

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जानिए क्यों बांधकर रखा जाता है कलश

बता दें कि मंदिर के प्रवेश द्वार के बाईं ओर विशाल कलश को जंजीर से बांधकर रखा जाता है। जिसको स्थानीय भाषा में चरू कहा जाता है। लोक मान्यताओं के मुताबिक जब भी पब्बर नदी में बाढ़ की स्थिति बनने लगती है, तो यह कलश काफी जोर-जोर से सीटियां भरता है और भागने की कोशिश करता है। जिसके वजह से मंदिर के कलश को जंजीर से बांधकर रखा जाता है। बताया जाता है कि मंदिर में एक और कलश भी हुआ करता है, जोकि भाग निकला। लेकिन मंदिर के पुजारी ने दूसरे कलश को पकड़ लिया और जंजीरों से बांध दिया।

महाभारत काल से जुड़ा है इतिहास

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस मंदिर में स्थित कुछ स्मारक पांडवों द्वारा बनाए गए थे। पौराणिक मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान इस स्थान पर पांडवों का आना हुआ था। इस दौरान उन्होंने यहां पर कुछ समय बिताया था। जिसके प्रमाण आज भी मंदिर में देखने को मिलते हैं। दरअसल, मंदिर के अंदर पांच पत्थर से बने हुए छोटे मंदिर हैं, जिनको 'देवल' कहा जाता है। बताया जाता है कि इन्हीं के अंदर बैठकर पांडवों ने देवी की आराधना की थी।

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