By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 15, 2024
ताइपे। अमेरिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने सोमवार को ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से मुलाकात की और द्वीपीय देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की प्रशंसा की जिससे एक नयी संसद का गठन हुआ। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हैडली ने कहा, ‘‘ताइवान के लोकतंत्र ने दुनिया के लिए एक चमकदार उदाहरण पेश किया है, पारदर्शिता, कानून के शासन और मानवाधिकारों तथा स्वतंत्रता के लिए सम्मान पर आधारित एक लोकतांत्रिक सफलता की कहानी पेश की है।’’ उन्होंने कहा कि ताइवान के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता अटूट है।
चीन वर्तमान उपराष्ट्रपति और सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के सदस्य लाई का कड़ा विरोध करता है। चीन ने चुनाव के नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने चुनाव पर अपने बयान में कहा, ‘‘ताइवान का सवाल चीन का आंतरिक मामला है। ताइवान में जो भी बदलाव होंगे, यह मूल तथ्य नहीं बदलेगा कि दुनिया में केवल एक चीन है और ताइवान चीन का हिस्सा है।’’ वहीं, ताइवान ने कहा, ‘‘यह बयान ‘‘अंतरराष्ट्रीय समझ और ताइवान-चीन के बीच वर्तमान स्थिति के साथ पूरी तरह से असंगत है। यह वैश्विक लोकतांत्रिक समुदायों की अपेक्षाओं के विरुद्ध है और ताइवान के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की इच्छा के विरुद्ध है। ऐसी घिसी-पिटी बातें खंडन करने लायक नहीं हैं।’’ लाई की जीत का मतलब है कि डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी तीसरी बार चार साल का कार्यकाल हासिल करेगी। लाई मई में पदभार ग्रहण करेंगे।