अमेरिका में सरकारी शटडाउन का तीसरा हफ्ता : एयर ट्रैफिक कंट्रोलर कर रहे फूड डिलीवरी और उबर ड्राइविंग

By Ankit Jaiswal | Oct 22, 2025

अमेरिका में सरकारी शटडाउन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और इसका असर आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। बता दें कि इस शटडाउन के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, जिन्हें 'जरूरी कर्मचारी' माना जाता है, बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, कई कंट्रोलर अब अपनी रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए उबर ड्राइविंग, फूड डिलीवरी या रेस्तरां में पार्ट टाइम नौकरी करने लगे हैं।

मौजूदा हालात में पहले से ही स्टाफ की कमी झेल रहे कंट्रोलर सप्ताह में 60 घंटे तक काम कर रहे हैं और इसके साथ ही दूसरे रोजगार भी कर रहे हैं। डैनियल्स के अनुसार, शिफ्ट खत्म होने के बाद कर्मचारी उबर चलाने या रेस्तरां में सर्विंग का काम करते हैं।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की जानकारी के अनुसार, शटडाउन से पहले भी 91% कंट्रोल सेंटर्स में स्टाफ की कमी थी, और अब हालत और खराब हो गई है। कई जगहों पर 50% तक कर्मचारी बीमार बताकर छुट्टी पर हैं। NATCA लगभग 20,000 एविएशन सेफ्टी प्रोफेशनल्स का प्रतिनिधित्व करती है और अब कर्मचारियों की मदद के लिए बिना ब्याज के लोन की व्यवस्था कर रही है।

जानकरों का कहना है कि लंबे समय तक यह वित्तीय दबाव उड़ान संचालन को प्रभावित कर सकता है। अभी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन मनोबल गिरने से फ्लाइट की देरी और रद्द होने की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। गौरतलब है कि केवल रविवार को ही 7,800 से अधिक फ्लाइट्स लेट हुईं और 117 रद्द की गईं। महीने की शुरुआत में हुए 23,000 देरी के मामलों में आधे स्टाफ की कमी से जुड़े थे, जबकि सामान्य स्थिति में यह केवल 5% होता है। डैनियल्स ने चेतावनी दी कि अब नेताओं को इसे तुरंत समाप्त करना चाहिए, क्योंकि कर्मचारियों को बिना पैसे के काम करना मंजूर नहीं हैं।

प्रमुख खबरें

CAG Report से Kejriwal के शीश महल का सच आया सामने, BJP बोली- Delhi की जनता का पैसा लुटाया, जारी किया Video

IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी का नहीं होगा आयोजन, BCCI ने इस कारण लिया बड़ा फैसला

Rajya Sabha में फिर भड़कीं SP MP Jaya Bachchan, टोका-टोकी पर बोलीं- बच्चे बैठ जाओ

प्रमोद तिवारी का Himanta Sarma पर पलटवार, BJP को Israel में बनानी चाहिए सरकार