India-US Trade Deal | भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में नया अध्याय! ट्रंप सरकार ने 'ऐतिहासिक' समझौते की शर्तों का किया खुलासा

By रेनू तिवारी | Feb 10, 2026

व्हाइट हाउस ने भारत और अमेरिका के बीच होने वाले 'द्विपक्षीय व्यापार समझौते' (BTA) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए "ऐतिहासिक अंतरिम समझौते" के लिए एक आधिकारिक 'फैक्ट शीट' जारी की है। इस दस्तावेज़ के अनुसार, आने वाले हफ्तों में दोनों देश एक पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचे को अंतिम रूप देंगे, जिससे अमेरिकी उत्पादों के लिए 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार के द्वार खुलेंगे।

इस 'फैक्ट शीट' में उल्लेख किया गया है कि भारत ने अपनी व्यापारिक बाधाओं को कम करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़े कदम उठाने का वादा किया है:

भारी निवेश और खरीद: भारत ने ऊर्जा, कोयला, कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

शुल्क में कटौती: भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों (जैसे रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे फल, दालें, सोयाबीन तेल और वाइन) पर लगने वाले उच्च शुल्क को या तो समाप्त करेगा या काफी कम करेगा।

रूसी तेल और शुल्क छूट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "रूसी तेल की खरीद रोकने" की प्रतिबद्धता के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

पारस्परिक टैरिफ: द्विपक्षीय व्यापार में असंतुलन को कम करने के लिए, अमेरिका भारत पर जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। 

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत व्यापार पर अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे ताकि पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) संपन्न किया जा सके। ‘व्हाइट हाउस’ ने एक दस्तावेज (फैक्ट शीट) में कहा कि दोनों देश सेवाओं एवं निवेश, श्रम तथा सरकारी खरीद सहित शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।

भारत और अमेरिका के पारस्परिक एवं लाभकारी व्यापार से संबंधित अंतरिम समझौते के ढांचे की संयुक्त घोषणा के कुछ दिन बाद व्हाइट हाउस ने ‘‘अमेरिका और भारत ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते (अंतरिम समझौता) की घोषणा की’’ शीर्षक से एक दस्तावेज (फैक्ट शीट) जारी किया। इसमें समझौते की प्रमुख शर्तों को उल्लेख किया गया है जैसे कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

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‘समृद्ध भविष्य की राह’ शीर्षक वाले खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम कर रहे हैं। इसमें कहा गया, ‘‘ भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे अधिक शुल्क बनाए रखे हैं, जहां कृषि उत्पादों पर औसतन 37 प्रतिशत तक और कुछ वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क है। भारत का इतिहास अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी रहा है जिनके कारण अमेरिका के कई निर्यात भारत में प्रतिबंधित रहे हैं।’’ दस्तावेज के अनुसार, ‘‘आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों तथा कारोबार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में अंतरिम समझौते पर काम करेंगे।’’

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घोषणा भारत के साथ ‘‘भविष्य में ठोस राह’’ प्रदान करती है जो एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार के साथ संतुलित एवं पारस्परिक व्यापार सुनिश्चित करने के प्रति राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसमें कहा गया कि बीटीए की संदर्भ शर्तों में निर्धारित खाके के अनुरूप, अमेरिका और भारत ‘‘ शेष शुल्क बाधाओं, अतिरिक्त गैर-शुल्क बाधाओं, व्यापार में प्रौद्योगिकी अवरोधों, सीमा शुल्क तथा व्यापार सुविधा, अच्छे नियामक व्यवहार, व्यापार सुधार, सेवाओं व निवेश, बौद्धिक संपदा, श्रम, पर्यावरण, सरकारी खरीद तथा सार्वजनिक उद्यमों की व्यापार-विकृत या अनुचित प्रथाओं’’ से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखेंगे।

इसमें कहा गया कि भारत प्राथमिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करेगा। अमेरिका और भारत उत्पत्ति नियमों पर बातचीत करेंगे ताकि सहमत लाभ मुख्य रूप से दोनों देशों को ही मिलें। भारत अपने डिजिटल सेवा कर हटाएगा और मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं तथा डिजिटल व्यापार में अन्य बाधाओं से निपटा जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क लगाने पर रोक के नियम भी शामिल होंगे।

दस्तावेज के अनुसार, अमेरिका और भारत ने आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती एवं नवाचार बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा समन्वय मजबूत करने पर सहमति जताई है। इसके तहत तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कदम उठाए जाएंगे तथा आवक-जावक निवेश समीक्षा और निर्यात नियंत्रण पर सहयोग किया जाएगा। दोनों देश प्रौद्योगिकी उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे। इसमें उल्लेख किया गया कि पिछले शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की थी, जिससे 1.4 अरब से अधिक आबादी वाले देश का बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुलेगा। संयुक्त बयान पिछले सप्ताह ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद आया।

बातचीत के दौरान ‘‘दोनों नेताओं ने पारस्परिक व्यापार पर अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताई और व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।’’ इसमें कहा गया कि ट्रंप ने ‘‘ रूसी तेल की खरीद रोकने की भारत की प्रतिबद्धता’’ के अनुरूप भारत के आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने पर सहमति जताई। इसके लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले शुक्रवार एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर यह अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क समाप्त कर दिया। इसमें कहा गया, ‘‘ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में प्रणालीगत असंतुलन और साझा राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिका के साथ तालमेल बैठाने की भारत की इच्छा को देखते हुए, भारत पर जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर अमेरिका 18 प्रतिशत करेगा।

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