By अभिनय आकाश | Mar 02, 2026
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के राजदूत ने दावा किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने रविवार को ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला किया। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय के प्रमुख ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कथित हमलों में किसी भी परमाणु स्थल को नुकसान पहुंचा है। आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने सोमवार को एजेंसी के 35 सदस्यीय शासी मंडल को बताया कि एजेंसी के पास "इस बात का कोई संकेत नहीं है कि किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा है या उस पर हमला हुआ है।
ग्रॉसी ने आगे कहा कि आईएईए अभी तक ईरान के परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क स्थापित करने में असमर्थ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। आईएईए प्रमुख ग्रॉसी ने यह भी कहा कि ईरान की सीमा से लगे देशों में अभी तक विकिरण का स्तर सामान्य पृष्ठभूमि स्तर से ऊपर नहीं पाया गया है। रॉयटर्स के अनुसार, ग्रॉसी ने आगे कहा, "आज की स्थिति बेहद चिंताजनक है। हम गंभीर परिणामों वाले संभावित विकिरण रिसाव से इनकार नहीं कर सकते, जिसमें बड़े शहरों जितने या उससे भी बड़े क्षेत्रों को खाली कराना भी शामिल है।
उन्होंने आगे कहा कि हमें कूटनीति और बातचीत की ओर लौटना होगा। इसी बीच, आईएईए में ईरान के राजदूत रजा नजाफी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी-इजरायली हमलों ने विशेष रूप से नतान्ज़ संवर्धन सुविधा को निशाना बनाया और उन्होंने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें गैरकानूनी, आपराधिक और क्रूर बताया। नजाफी ने कहा उन्होंने कल फिर से ईरान की शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु सुविधाओं पर हमला किया... उनका यह तर्क कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करना चाहता है, सरासर झूठ है। इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने नतान्ज़ पर हमले करने की बात स्वीकार नहीं की है।