अमेरिका की मिसाइलें तैयार! ईरान में कभी हो सकता है अटैक!

By अभिनय आकाश | Jan 14, 2026

ट्रंप ने अमेरिकी सेना को तैयार रहने के लिए कह दिया है। क्योंकि ईरान में खामिया नहीं बुनियादी मानवीय अधिकारों को कुचलने पर आमादा है। ट्रंप ने ना सिर्फ सभी सहयोगी देशों से ईरान छोड़ने की अपील की है बल्कि कुछ ने तो इस पर तैयारी भी शुरू कर दी है। इजराइल ने अपने सभी एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है। कनाडा ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा। यह संकेत बताते हैं कि ईरान में आज रात कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। बातचीत के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं और ट्रंप पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रहे हैं। अमेरिका की चेतावनी और वॉर लेवल की तैयारियों के रिपोर्ट्स को ईरान ने खारिज किया है। बल्कि ईरान में मचे बवाल का दोष अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की एजेंसीज पर बढ़ा है। इधर अमेरिका की तैयारी दो मोर्चों पर साफ दिख रही है। एक तो ईरान में सैन्य दखल जो कभी भी फुल फ्लेज्ड अटैक की शक्ल ले सकता है और दूसरी तरफ बगावत के साथ खामने के तख्तापलट की तैयारी। 

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ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ दो हफ्ते से जारी विद्रोह में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी ईरान प्रशासन के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दी है। उन्होंने कहा कि इन मौतों के लिए अमेरिका जिम्मेदार है, क्योंकि उसी ने विद्रोह भड़काया है। वहीं, ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने 12 हजार मौतों का दावा किया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी।  ईरान में हालात तनावपूर्ण बने रहे, लेकिन कई दिनों बाद इंटरनेट और फोन लाइनें चालू होने के बाद ईरान के लोग दुनिया से जुड़े। प्रदर्शन की वजह से संचार सेवाओं को बंद कर दिया गया था। लोगों ने कॉल कर और सोशल मीडिया के जरिए नुकसान के हालात बर्या किए। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से कहा कि वे प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस रूप में होगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा 'ईरानी देशभक्तों, विरोध करते रहो अपनी संस्थाओं पर कब्ज करो !' ट्रंप ने लिखा कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद होने तक किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी और जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगे।

पहली बार इस संख्या को लेकर सरकारी स्तर पर संकेत मिले हैं। ईरानी सरकारी टीवी ने माना कि हालिया हिंसा में कई लोगों को देश ने खोया है। यह बयान शहीद फाउंडेशन के चीफ अहमद मौसावी के हवाले से पढ़ा गया। अमेरिकी संस्था ने दावा किया कि मरने वालों की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई है।

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