By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 09, 2022
वाशिंगटन, अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि रूस से तेल और गैस के आयात पर रोक लगाने से पहले उसने अपने यूरोपीय साझेदारों से चर्चा की थी। उसने माना कि फिलहाल सभी सहयोगी देश ऐसा प्रतिबंध लगाने की स्थिति में नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कार्यकारी आदेश जारी कर रूस से कच्चे तेल, कई पेट्रोलियम उत्पादों, तरल प्राकृतिक गैस और कोयले के आयात पर रोक लगा दी थी। इसका उद्देश्य रूस को अमेरिकी चालकों और उपभोक्ताओं से सालाना मिलने वाले अरबों डॉलर के राजस्व से वंचित करना है। पिछले साल अमेरिका ने रूस से रोजाना औसतन सात लाख बैरल कच्चा तेला और परिस्कृत पेट्रोलियम उत्पाद का आयात किया था। बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, इस कदम को उठाने से पहले हमने अपने यूरोपीय साझेदारों से करीबी चर्चा की, लेकिन उनसे हमें उम्मीद नहीं थी और हमने उनसे इसमें शामिल होने के लिए नहीं कहा।
हालांकि, बाइडन ने वादा किया कि वह (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर)पुतिन द्वारा बढ़ाए गए दाम के असर को घरेलू स्तर पर कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। प्रतिबंधों के कार्यकारी आदेश पर दस्तखत करने के बाद व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में बाइडन ने कहा, पुतिन के युद्ध से पहले ही अमेरिकी परिवार प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि गैस के दाम बढ़ रहे हैं। पुतिन द्वारा यूक्रेन की सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा करने के बाद से ही अमेरिका में गैस के दाम 75 सेंट तक बढ़ गए। इस प्रतिबंध से इसमें और वृद्धि होगी। ईंधन के दाम को स्थिर रखने को लेकर उठाए गए कदम पर णेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हम अपने सहयोगियों से समन्वय कर रहे हैं। हमने छह करोड़ बैरल तेल संयुक्त रूप से अपने आरक्षित भंडार (रिजर्व) से जारी करने की घोषणा की है। इसमें से आधा अमेरिका से आएगा। हम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।